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विधायकों के सस्पेंशन के बाद बैकफुट पर ‘आप’, अब सीलिंग के खिलाफ करेगी आंदोलन

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संदीप त्यागी.
नई दिल्ली. 20 जनवरी. आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता समाप्त करने वाला चुनाव आयोग के फैसले पर हालांकि अभी राष्ट्रपति की मुहर नहीं लगी है, लेकिन लगता है पार्टी ने पहले ही इस फैसले को स्वीकार कर लिया है और अब खुद को इस लड़ाई को जमीन पर लड़ने के लिए तैयार कर रही है. आम आदमी पार्टी आॅफिस में 20 जनवरी को एक प्रेस कांफे्रंस को संबोधित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता व मंत्री गोपाल राय ने चुनाव आयोग को केंद्र सरकार की कठपुतली बताते हुए कहा कि 23 जून के बाद आम आदमी पार्टी के किसी विधायक को इलेक्शन कमीशन ने कभी सुनवाई के लिए नहीं बुलाया. ऐसे में यह सवाल उठता है, कि अपने रिटायरमेंट से दो दिन पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ने विधायकों की बर्खास्तगी का यह गिफ्ट किसे और क्यों दिया है? राय ने कहा कि अंग्रेजी शासन के समय भी ऐसा नहीं होता था, जब नेचुरल जस्टिस के सिद्धांत को ताक पर रख दिया जाए, लेकिन आजाद भारत की मोदी सरकार के वक्त में आज यह सब हो रहा है. यह भी पढ़ें : राजधानी में मल्टीपल एजेंसीज सिस्टम ने खड़ा किया सीलिंग का भूत  गोपाल राय ने कहा कि चुनाव आयुक्त ए.के. ज्योति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे खासम-खास अधिकारी रहे हैं. और उसी खासम-खास होने का फर्ज़ उन्होंने निभाया है. उन्होंने कहा कि सभी संस्थाओं पर कब्जा करने की सरकार की कोशिश लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है. गोपाल राय ने कहा कि जनता के बीच विधायकों पर आॅफिस आॅफ प्रॉफिट के आरोप को जो प्रचार किया जा रहा है, वह पूरी तरह से झूठ है. उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में, अलग-अलग समय पर अलग-अलग सरकारों ने संसदीय सचिव बनाए हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब में 40 संसदीय सचिव हैं तो हरियाणा में 4, हिमाचल प्रदेश में 2, राजस्थान और गुजरात में 5 संसदीय सचिव हैं. जबकि छत्तीसगढ़ में 11, अरुणाचल में 26 तथा नागालैंड में 24 संसदीय सचिव हैं और इन सबको मोटी सैलरी बांटी जा रही हैं. राय ने कहा कि इन सभी के खिलाफ आम आदमी पार्टी की तरफ से माननीय राष्ट्रपति के पास शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन आज तक चुनाव आयोग ने कोई संज्ञान नहीं लिया, कार्रवाई तो दूर की बात है. उन्होंने कहा कि जबकि दिल्ली में संसदीय सचिव की नियुक्ति के लिए जारी नोटिफिकेशन में साफ लिखा गया था कि उन्हें किसी तरीके के वेतन और भत्ते नहीं दिए जाएंगे, उसके बावजूद बदले की राजनीति इन विधायकों के साथ की जा रही है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी अपने विधायकों के साथ पूरी दृढ़ता के साथ खड़ी हुई है और इस संविधान विरोधी कृत्य के सामने किसी भी तरीके से झुकने के लिए तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि पार्टी ने कल प्रदेश सम्मेलन बुलाया है, जिसमें तमाम विधायक, निगम पार्षद और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहेंगे. इस दौरान राजधानी में चल रही सीलिंग के खिलाफ आंदोलन चलाने का फैसला लिया जायेगा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और अभियान के खिलाफ आम आदमी पार्टी लगातार विरोध करती रहेगी.

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