Home National News अग्नि सुरक्षा उपाय ताक पर! सुप्रीम कोर्ट सुना सकता है कड़ा फैसला

अग्नि सुरक्षा उपाय ताक पर! सुप्रीम कोर्ट सुना सकता है कड़ा फैसला

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संवाददाता.
नई दिल्ली. 21 जनवरी. राजधानी के बवाना स्थित एक फैक्ट्री में लगी आग से 17 लोगों की दर्दनाक मौत ने पिछले दिनों हुई मुंबई के कमला मिल में हुए हादसे का जख्म ताजा कर दिया है. कमला मिल की आग से 14 निर्दोष लोगों की मौत को लोग भूले नही हैं. लेकिन मामला सिर्फ मुंबई की कमला मिल या राजधानी के बवाना का ही नहीं है. दरअसल देश भर में रिहायशी परिसरों, फैक्ट्रियों और रेस्टोरेंट में अग्निसुरक्षा के बंदोबस्तों की अनदेखी की जा रही है. दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में रिहायशी सोसायटियों और व्यायवासिक परिसरों में अग्नि सुरक्षा उपायों का घनघोर उल्लंघन हो रहा है. यह भी पढ़ें : सीलिंग के विरोध में 23 को दिल्ली के बाजार बंद, व्यापारियों ने सरकार से एमनेस्टी स्कीम लाने की मांग की  अग्नि सुरक्षा बंदोबस्तों को लेकर मुंबई के एक गैर सरकारी संगठन जनहित मंच ने इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इस संबंध में कल 22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है. मुंबई में बन रही सबसे बड़ी और ऊंची इमारत पैलेस रॉयल बिल्डिंग में अग्नि सुरक्षा की अनियमितताओं को लेकर जनहित मंच की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय में मामला चल रहा है.
सांकेतिक चित्र
सर्वोच्च न्यायालय ने इस बिल्डिंग के निर्माण पर फिलहाल रोक लगा रखी है. मुंबई महानगर पालिका एवं सरकार ने जहां केवल 43 मंजिला इमारत के निर्माण को मंजूरी दी थी, वहां अब तक 52 मंजिलों का निर्माण किया जा चुका है. सबसे भयावह बात यह है, कि बिल्डिंग में अग्नि-सुरक्षा को लेकर भारी कोताही बरती गई और सरकारी नियमों का उल्लंघन किया गया है. माना जा रहा है, कि दिनों-दिन होने वाले ऐसे हादसों और चल रहे मामले के मद्देनजर सर्वोच्च न्यायालय अग्निशमन उपायों को लेकर नए सिरे से दिशा-निर्देश जारी कर सकता है.
मामले में याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुशील अंतल का कहना है, कि कमला मिल परिसर और दिल्ली के बवाना इलाके की फैक्ट्रियों में लगी भीषण आग से भी अगर सरकार ने सबक नहीं लिया तो हजारों लोगों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा. जनहित मंच का कहना है, कि मुंबई में अन्य दूसरी इमारतों और परिसरों में भी उनके द्वारा सर्वेक्षण किया जा रहा है, जहां अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया. ऐसी सभी जगहों पर अग्नि सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त हेतु वे न्यायालय में दस्तक देंगे.

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