Home National News पेट्रोल पंप पर कभी खतरनाक होते थे मोबाईल, अब धडल्ले से हो...

पेट्रोल पंप पर कभी खतरनाक होते थे मोबाईल, अब धडल्ले से हो रहा इस्तेमाल, खतरा टला या मजबूरी..!

80
0
SHARE
Exif_JPEG_420
संवाददाता.
नई दिल्ली. 09 दिसंबर. बहुत ज्यादा पुरानी बात नहीं है, जब पेट्रोल पंप पर मोबाइल फोन का प्रयोग ना करने की चेतावनी देते पोस्टर और सूचनाएं आम होती थीं. पेट्रोल पंप पर लिखा होता था, कि मोबाईल का इस्तेमाल खतरनका हो सकता है. लेकिन बीते एक साल में यह खतरा पूरी तरह टल गया मालूम पड़ता है! आज न सिर्फ पेट्रोल पंप पर मोबाइल का जमकर इस्तेमाल हो रहा है, बल्कि कभी विज्ञापन जारी करके पेट्रोल पंप पर मोबाइल इस्तेमाल का निषेध करने वाली सरकार ही मोबाइल के धड़ल्ले से इस्तेमाल का प्रचार कर रही है. नोटबंदी के बाद बाजार में कैशलेस इकॉनोमी को बढ़ावा देने के लिए पैसे का भुगतान पेटीएम से करने के लिए लोग पेट्रोल पंप पर धड़ल्ले से मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे में सवाल है, कि क्या मोबाइल के इस्तेमाल से पेट्रोल पंप पर होने वाला खतरा समाप्त हो गया है, या फिर ऐसा खतरा कभी था ही नहीं. गौरतलब है, कि पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा मापदंडों को देखते हुए 27 जून 2002 से ही मोबाइल फोन का प्रयोग वर्जित किया गया था, क्योंकि मोबाइल फोन से होने वाले विकिरण के चलते पेट्रोल पंप पर आग लगने का खतरा बना रहता है.  यह भी पढ़ें : बेबसी और लाचारी का दूसरा नाम गुजरात मॉडल है..! लेकिन अब जब बात कैशलेस इकॉनोमी की आई तो सुरक्षा मानकों की परवाह किये बगैर मोबाईल फोन के इस्तेमाल की मौन सहमति दे दी. एक्सपर्ट कहते हैं, कि खतरा तो तब भी था और अब भी है, लेकिन कैशलेस के प्रचलन को बढ़ावा देने के चलते अब शायद सरकार को भी इसका कोई जवाब नहीं सूझ रहा है, इसलिए इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली है. वहीं पेट्रोल पंप पर काम करने वाली कर्मी मानते हैं, कि अगर इस तरह का फैसला सिर्फ पेट्रोल पंप कर लेते तो हंगामा मच गया होता, लेकिन अब अपनी मजबूरी में फंसी सरकार ने इसको एक तरह से मान्यता दे दी है, तो नागरिक संगठन भी इस खतरे को अनदेखा कर रहे हैं. नागरिकों की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के असमंजस के बीच फंसी सरकार सुरक्षा को दरकिनार कर आॅनलाइन वॉलेट एप्प के जरिए पैसों का भुगतान करने की अपील कर रही है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here