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तपती गर्मी से निजात दिलाने सौ साल पुरानी बैद्यनाथ लाई पारंपरिक शीतलकारी उत्पाद, गुलाब की पंखुड़ियों से बना गुलकंद और प्राकृतिक जड़ी बूटियों से बने पेय

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संवाददाता.
नई दिल्ली. 24 मई. प्राकृतिक, आॅर्गेनिक और आयुर्वेदिक उत्पादों की ओर बढ़ते युवाओं और ग्राहकों के झुकाव को देखते हुए आयुर्वेद के क्षेत्र की 100 साल पुरानी भरोसेमंद और अग्रणी कंपनी बैद्यनाथ ने पारंपरिक और प्राचीन शीतलकारी उत्पाद उतारे हैं. 700 नुस्खों के खजाने वाली आयुर्वेद उत्पादों की सबसे बड़ी निर्माता झांसी की बैद्यनाथ ने सेहत बेहतर करने और गर्मी से जुड़ी समस्याओं से निजात दिलाने के लिए गुलाब की पंखुड़ियों से बना मीठा ‘गुलकंद’ और जड़ी बूटियों से बने ठंडे पेय पेश किए हैं.
गौरतलब है, कि 1917 में स्थापित हुई और हाल ही में 100 वर्ष पूरे करने वाली बैद्यनाथ आयुर्वेद ने प्राचीन ज्ञान को आधुनिक शोध एवं विनिर्माण तकनीकों की मदद से एक बार फिर स्थापित करने में अग्रणी भूमिका निभाई है. कंपनी ने प्राकृतिक जूस, आॅर्गेनिक मसालों, रसायन मुक्त सौंदर्य प्रसाधनों और हर्बल न्यूट्रास्यूटिकल्स के साथ हाल ही में एफएमसीजी बाजार में कदम रखा है और अपने उत्पाद दिखाने तथा बेचने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में अपना एक्सक्लूसिव स्टोर भी खोला है. यह भी पढ़ें : अश्विनी उपाध्याय बने भारतीय मतदाता संगठन के संगठन प्रमुख बैद्यनाथ आयुर्वेद के कार्यकारी निदेशक अनुराग शर्मा ने कहा, कि बैद्यनाथ ने हमेशा आयुर्वेद तथा प्राकृतिक जड़ी-बूटियों के गुणों में भरोसा किया है और वह आयुर्वेद के वही जांचे-परखे लाभ आधुनिक तथा सुविधाजनक रूप में प्रदान करने वाले उत्पाद तैयार करने में जुटी रही है. गुलाब की पंखुड़ी से बना ‘गुलकंद’ उसी रणनीति के तहत पेश किया गया है. गुलकंद गुलाब की पंखुड़ियों, मिश्री और प्रवाल पिष्टी (मूंगे से निकले कैल्शियम) को धूप में पकाकर बनाया गया सबसे पुराना और पारंपरिक मुरब्बा है.
उन्होंने बताया, कि बैद्यनाथ आयुर्वेद ने गर्मी का मुकाबला करने के लिए तीन प्राकृतिक शीतलकारी हर्बल पेय भी उतारे हैं. पहला पेय ठंडाई है, जो बादाम, खरबूज गिरी, तरबूज गिरी, गुलाब की पंखुड़ी, काली मिर्च, इलायची, जायफल और केसर के गुणों से युक्त बेहद प्रभावी उत्पाद है. कूलर शरबत एक और शानदार उत्पाद है, जिसमें खस, पुदीना, सौंफ, नींबू और जीरा के गुण हैं. इसके बाद अनानास, तरबूज, लीची और अनार के रसों वाला फ्रूट्स शरबत है. विदित हो कि बैद्यनाथ फलों के असली रस से ही शरबत बनाती है.
श्री शर्मा ने कहा, कि तीनों प्राकृतिक हर्बल सप्लीमेंट पेय ऐसे पोषक तत्वों से भरपूर हैं, जो रोगों से बचाव की क्षमता बढ़ाने में, पाचन तंत्र अच्छा बनाने में और शारीरिक तथा मानसिक शक्ति बढ़ाने में मदद करते हैं. बैद्यनाथ आयुर्वेद के कार्यकारी निदेशक अनुराग शर्मा ने कहा, कि आज बैद्यनाथ 700 से भी अधिक नुस्खों के साथ आयुर्वेद के सबसे अधिक उत्पाद बनाती है, जो 1 लाख से भी अधिक रिटेल स्टोर में बेचे जाते हैं और 50,000 से भी अधिक चिकित्सक उनका प्रयोग करते हैं. कंपनी के पास दशकों का अनुभव, आधुनिक ढांचागत सुविधाएं, सर्व सुविधा संपन्न तकनीक और बेहतरीन कर्मचारी हैं. उपभोक्ताओं की पसंद में बदलाव और प्राकृतिक, आॅर्गेनिक एवं आयुर्वेदिक उपभोक्ताओं की ओर युवाओं के बढ़ते रुझान को देखकर हमने स्वास्थ्यवर्द्धक उत्पादों के साथ एफएमसीजी बाजार में कदम रखने का फैसला किया है.
उन्होंने भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए कहा, कि भारत के अलावा बैद्यनाथ के उत्पाद विदेशी बाजारों में भी छाए हुए हैं और इस समय दुनिया के 70 से भी अधिक देशों में उपलब्ध हैं. शर्मा ने कहा कि हमारा ब्रैंड पश्चिम एशिया, दक्षेस देशों, अफ्रीका, अमेरिका, यूरोप और रूस में प्रतिष्ठित तथा बेहद लोकप्रिय है. तथा निकट भविष्य में अपने प्राकृतिक जूसों का निर्यात करने की भी हमारी योजना है.

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