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बेहतर शिक्षा व्यवस्था बनाना लक्ष्य, मंगोलपुरी वार्ड 54 में खोलेंगे लाइब्रेरी और एजुकेशन सेन्टर

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निगम पार्षद कृष्णा क्षेत्रवासियों के साथ
चुनाव के छह महीने बाद आपके वार्ड में क्या बदला

वार्ड नंबर 54 एन मंगोलपुरी

प्रवीण श्रीवास्तव.
नई दिल्ली. 08 दिसंबर. उत्तरी दिल्ली नगर निगम के वार्ड नंबर 54 मंगोलपुरी से आम आदमी पार्टी की नवनिर्वाचित निगम पार्षद कृष्णा को वार्ड की कमान संभाले 6 महीने से भी ज्यादा का वक्त बीत चुका है. इस बीते हुए समय में उन्होंने वार्ड की कायाकल्प करने के लिए क्या किया, इस बारे में हमने उनसे बात की. हमने जानना चाहा कि छह महीने पहले चुनाव में बदलाव के नाम पर वोट लेने के बाद वह कितने वायदे पूरे करने में कामयाब रही हैं. निगम पार्षद ने अपने 6 महीने कार्यकाल के दौरान किए गए तमाम कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि हमने क्षेत्र की सफाई पर विशेष ध्यान दिया है. इस दौरान हर गली, हर सड़क को साफ किया है, ताकि जनता को परेशानी ना हो. इसके अलावा पार्कों में भी काफी सुधार किया गया है. निगम पार्षद ने इन कार्यों के साथ भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए कहा कि हम क्षेत्र में शिक्षा से जुड़ी व्यवस्था सुधारने पर विशेष जोर देना चाहते हैं.  यह भी पढ़ें : भ्रष्टाचार से लड़ाई के बड़े-बड़े दावे, लेकिन सुधर नहीं रही निगम की छवि..! इसके लिए तमाम जागरूकता अभियान चलाये जाने तथा बारहवीं कक्षा के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों हेतु छात्रों के लिए सेंटर की व्यवस्था करना उनकी प्राथमिकता में शामिल है. छह महीने के कामकाज से संतुष्ट निगम पार्षद का कहना है, कि उन्होंने क्षेत्र में मंगोलपुरी ब्लॉक, मंगोलपुरी 8 ब्लॉक, रोहिणी अवंतिका सेक्टर 1, रोहिणी इंस्टीटयूशनल एरिया, मंगोलपुरी खुर्द आदि क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई रफ्तार दी है. वार्ड की मुख्य समस्याओं का जिक्र करते हुए निगम पार्षद कहती हैं, कि पालतू पशुओं का क्षेत्र में खुलेआम घूमना एक बड़ी परेशानी है. खासतौर पर क्षेत्र में गाय खुले तौर पर घूमने से गाड़ियों की चपेट में आ जाती हैं और खाने की वस्तुएं ढूंढते हुए प्लास्टिक तक खा जाती हैं. निगम पार्षद द्वारा करवाये गये विकास कार्यों का वीडियो देखने के लिए क्लिक करें  निगम पार्षद तथाकथित गौरक्षकों पर भी कटाक्ष करते हुए कहती हैं, कि गाय हमारी माता है कहने वाले गायों की इस दयनीय स्थिति से मुंह फेर लेते हैं. हालांकि बजट का न मिलना और कमी उनकी भी शिकायत है और वे कहती हैं, कि जैसे ही बजट मिलेगा, हम और भी बेहतर काम करेंगे.

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