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चेकिंग के नाम पर होने वाली प्रताड़ना के विरोध में सड़क पर उतरीं आंगनवाड़ीकर्मी

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संवाददाता.
नई दिल्ली. 16 जनवरी. दिल्‍ली की आंगनवाड़ीकर्मियों ने दिल्‍ली स्‍टेट आंगनवाड़ी वर्कर्स एं‍ड हेल्‍पर्स यूनियन की अगुवाई में महिला एवं बाल विकास विभाग पर विरोध प्रदर्शन किया. इस अवसर पर यूनियन अध्यक्ष शिवानी ने कहा कि केजरीवाल सरकार दिल्ली में आंगनवाड़ी योजना को समाप्त करने पर आमादा है.
उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों से आंगनवाड़ी केन्द्रों के निरीक्षण के नाम पर दिल्ली के कई इलाकों में चल रहे केन्द्रों को बंद कर दिया गया है. इसके चलते इन क्षेत्रों के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही, इन केन्द्रों पर कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भी अपने रोजगार से हाथ धोना पड़ा है. शिवानी ने कहा कि निरीक्षण के पीछे महिला एवं बाल विकास मंत्री मनीष सिसोदिया का यह तर्क कि वह इस योजना को बेहतर बनाने का काम कर रहे हैं की सच्चाई यह है, कि पहले से ही खस्ताहाल आई.सी. डी.एस. योजना ऐसे निरीक्षणों से नहीं सुधरने वाली है. यह भी पढ़ें : न्यू इंडिया के निर्माण में प्रतिभाओं का योगदान अपेक्षित, विभिन्न प्रतिभाएं ‘तथास्तु भव अवार्ड-2017’ से सम्मानित  यूनियन अध्यक्ष शिवानी ने कहा कि एक सरकारी विभाग के काम में चुनावी पार्टी के लोगों की दखलन्दाजी बेहद निन्दनीय है. और यदि चेकिंग करनी ही है तो इसकी शुरूआत इस योजना के कर्ताधर्ताओं से होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सबसे पहले मंत्री महोदय के कार्यालय और इस स्कीम में लगे तमाम अफसर और खाना बनाने के काम में लगे तमाम एनजीओ की जांच की जानी चाहिए जो हर महीने करोड़ों के घपले-घोटाले करते हैं. उन्होंने कहा कि यह निरीक्षण और चेकिंग तो महज बहाने हैं, हकीकत यह है, कि केंद्र की मोदी सरकार और दिल्ली की केजरीवाल सरकार इस योजना के निजीकरण की तैयारी में हैं, जिसके बाद इस स्कीम का लाभ न तो आम घरों की महिलाओं और बच्चों को मिल पायेगा और बड़े पैमाने पर इस योजना में काम कर रही स्त्रियों की छंटनी की जायेगी.

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