Home States रमजान से पहले मदरसा आया गुरूकुल, मदरसे और गुरूकुल के छात्रों ने...

रमजान से पहले मदरसा आया गुरूकुल, मदरसे और गुरूकुल के छात्रों ने साथ-साथ पढ़ी वेद की ऋचायें और कुरान की आयत

154
0
SHARE
संवाददाता.
ऋषिकेश. 18 मई. रमजान से पहले देहरादून मदरसे से आये छात्रों के दल ने परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों के साथ अपनी संस्कृति, संस्कार और पूजा पद्धति का आदान-प्रदान किया. मदरसे से आये छात्रों का दल मुख्य इमाम उमर अहमद इलियासी, मौलाना मुफ़्ती रईस अहमद कासमी, सदर जमीयत उलेमा ए हिन्द देहरादून मौलाना मोहम्मद जाहिद नाजीन, मदरसा उपाध्यक्ष एवं अन्य इस्लामिक विद्वानों के संरक्षण में परमार्थ निकेतन आया.
इस अवसर पर मदरसे के छात्रों और मौजूद इस्लामिक विद्वानों ने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द महाराज से सौहार्दपूर्ण मुलाकात की. साथ ही मदरसों में वृक्षारोपण, रिस्पना को निर्मल और अविरल बनाने, मदरसों में स्वच्छता का प्रशिक्षण देने तथा अंतर धार्मिक संगठनों के संस्कारों का आदान-प्रदान करने आदि विषयों पर विशेष चर्चा हुई. यह भी पढ़ें : दिल्ली के जमुना बाजार में स्थित है ये प्राचीन मंदिर, रोज हजारों श्रद्धालु आते हैं दर्शन को यह एक ऐतिहासिक अवसर था, जब मदरसे के छात्रों ने परमार्थ निकेतन आश्रम के गुरूकुल में आकर कुरान की आयत पढ़ी तथा परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने वेद की ऋचाओं का गायन किया.
यह क्षण राष्ट्रीय एकता, समरसता, सद्भाव और समभाव का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा था. इस अवसर पर ऋषिकुमारोें और मदरसे के छात्रों ने मिलकर देश भक्ति गीत गाये. इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि रमजान शुरू होने से पहले रम जायें एक-दूसरे की मोहब्बत में और मिलकर करें अपने वतन का निर्माण, जिससे हमारा वतन, चमन बना रहे साथ ही वतन में हमेशा अमन बना रहे. स्वामी जी ने कहा, कि अब ऐसी कोशिश करेंगे कि राष्ट्र की एकता और अखण्डता के लिये मदरसे चलकर मठोंं, आश्रमों और गुरूकुलों में और मठ चलकर मदरसों में जाएं, तभी हम भावी पीढ़ियों को एकता के संस्कार दे सकेंगे. मुख्य इमाम उमर अहमद इलियासी ने कहा कि हम सब देशवासी भाई-भाई हैं और हम सब मिलकर भाईचारे, मोहब्बत, शान्ति का संदेश पूरे विश्व में प्रसारित करेंगे. आज परमार्थ निकेतन से इस ऐतिहासिक क्षण की शुरूआत करते हैं. उन्होंने कहा कि हम इस एकत्व के माध्यम से ऐसा वातावरण निर्मित करेंगे, जिससे पूरे विश्व में शान्ति की, अमन की वर्षा होगी.
इस अवसर पर स्वामी जी महाराज ने पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा उपस्थित मौलाना और इस्मामिक विद्वानों को भेंट तथा वहां उपस्थित सभी को एकता और भाईचारे के साथ रहने का संकल्प दिलाया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here