Home Uncategorized कहीं जोखिम ना बन जाये रियल एस्टेट में बिटकॉइन डील.!

कहीं जोखिम ना बन जाये रियल एस्टेट में बिटकॉइन डील.!

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सांकेतिक चित्र
प्रश्न- गिरीश जी, अभी हाल ही में मैंने एक प्रॉपर्टी बेची है, खरीददार से दो महीने पहले बयाना भी आ चुका है. और अब उसको फाइनल पेमेंट देनी है, जिसमें कुछ राशि कैश के रूप में भी है. अब खरीदने वाली पार्टी कह रही है, कि कैश की रकम के बदले मुझसे बिटकॉइन ले लो! मैने बिटकॉइन के बारे में सुना तो बहुत है, लेकिन कुछ पता नहीं की ये असल में है क्या? कृपया मार्गदर्शन करें कि क्या यह ठीक रहेगा? मैं आपके लिखे प्रॉपर्टी आर्टिकल पिछले कई वर्षों से पढ़ रहा हूँ, मेरी नजर में आप मुझे ठीक राय देंगे. -गुलशन राय
Girish Sharma, Property Conslutant
उत्तर- गुलनशन जी, यह तो आपका और खरीददार का निजी मामला है! हाँ, लेकिन मैं आपको इस बारे में जरूर बता सकता हूँ कि ये बिटकॉइन आखिर है क्या? इसके बाद आप खुद ही विचार करें कि क्या करना है? बिटकॉइन दुनिया की पहली डी सेंट्रलाईजेशन क्रिप्टो करेंसी है, जोकि सिर्फ डिजिटल दुनिया के लोगों के लिए बनाई गई है. रियल एस्टेट में कई विक्रेता अब प्रॉपर्टी के सौदों के लिए क्रिप्टो सिक्के यानी बिटकॉइन का इस्तेमाल कर रहे हैं. यह आसान है और दैनिक आधार पर इनकी कीमत तय होती है. बिटकॉइन एक डिजिटल संपत्ति और एक भुगतान प्रणाली की मुद्रा है, जिसका आविष्कार सातोशी नाकामोतो ने वर्ष 2008 में किया था और 2009 में ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के रूप में इसे जारी किया गया है. यह भी पढ़ें : व्यवस्था के मुँह पर तमाचा है आम्रपाली बिल्डर के फ्लैट बायर योगेश की मौत आज तक कोई यह पता नहीं लगा पाया कि आखिर सातोशी नाकामोतो है कौन? इसलिए इस क्रिप्टो करेंसी का कोई आधार नहीं है. यह एक ऐसी व्यवस्था है जिस पर किसी भी सरकार या एजेंसी का अब तक कोई नियंत्रण नहीं है, यही बात इसे सबसे खतरनाक बनाती है. केवल गैरकानूनी तरीके से ही इसके लेन-देन का व्यापार हो रहा है. भारत में नोटबंदी के बाद रियल एस्टेट में कैश के जरिए काले धन का आना बहुत हद तक रुका है, मगर बिटकॉइन के जरिए रियल एस्टेट में काला धन खपाया जा रहा है. सरकार को शक है कि इसमें रियल एस्टेट के कई लोग शामिल हैं. रियल एस्टेट में कई विक्रेता अब प्रॉपर्टी के सौदों के लिए क्रिप्टो सिक्के यानी बिटकॉइन का इस्तेमाल कर रहे हैं. बिटकॉइन का इस्तेमाल भारत में फेमा कानून का भी उल्लंघन करता है. अभी हाल ही में ईडी ने बिटकॉइन का इस्तेमाल करने वाले कई ठिकानों पर छापे मारे हैं. वैसे सुनने में तो यह भी आया है, कि भारत में तेजी से होते इसके विस्तार को देखते हुए बिटकॉइन जैसी वर्चुअल करेंसी को कानूनी दर्जा मिल सकता है. आरबीआई वर्चुअल करेंसी में निवेश और लेन-देन पर विस्तृत गाइडलाइन तैयार कर सकता है. वर्चुअल करेंसी को रिजर्व बैंक एक्ट 1934 के दायरे में लाया जा सकता है. शायद अब सरकार की वर्चुअल करेंसी में निवेश से होने वाली आमदनी पर टैक्स वसूलने की योजना है. वर्चुअल करेंसी में निवेश करने पर नो यूअर कस्टमर (केवाईसी.) की शर्तें तैयार की जाएंगी. वर्चुअल करेंसी के मुद्दे पर बनाई गई कमेटी की बैठक में इन तमाम प्रस्तावों पर विचार हो चुका है. मेरी राय में तो आप इन चक्करों में ना पड़कर अपनी सीधी-साधी डील ही करें.
अधिक जानकारी के लिए आप गिरीश शर्मा के फेसबुक पेज Shanti Properties (Regd.)  पर जाकर उनके पिछले लेख देख सकते हैं एवं समय लेकर मिल भी सकते हैं.

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