Home National News 2019 में 2014 के अपने वायदों को दोहरा रही है भाजपा..!

2019 में 2014 के अपने वायदों को दोहरा रही है भाजपा..!

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मयंक यादव.
बड़े इंतजार और पहले चरण के मतदान से महज तीन दिन पहले सत्तारूढ़ भाजपा ने 44 पन्नों के अपने घोषणापत्र में सरकार की उपलब्धियां व भविष्य की योजनाओं का खाका जनता के सामने रखा है. भारतीय जनता पार्टी ने 8 अप्रैल को पार्टी के मुख्यालय पर आयोजित एक कार्यक्रम में 2019 का घोषणापत्र लांच किया.
बीजेपी का यह घोषणा पत्र पहली नजर में इसके 2014 के घोषणापत्र का नया स्वरूप लगता है. इस घोषणापत्र में भी किसानों की आय दोगुनी करने, हर घर आवास, हर घर बिजली व राष्ट्रीय सुरक्षा को मुख्य रूप से स्थान दिया गया है. इस घोषणापत्र से पता चलता है, कि मौजूदा सरकार को काम करने के लिए 5 साल का कार्यकाल काफी कम पड़ा है, इसलिए सरकार ने 2022 तक का लक्ष्य रखा है. इस घोषणापत्र में पिछली सरकार के कार्यों का आंकलन करके प्रस्तुत किया गया है. और विपक्ष की पुरानी सरकारों पर देश की अर्थव्यवस्था व शासन व्यवस्था को बर्बाद करने के आरोप भी शामिल हैं. यह भी पढ़ें : ठंडे बस्ते में ‘रोजगार’ और ‘नारी पर अत्याचार’, बस पाकिस्तान और विपक्ष पर प्रहार इस मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा इस डॉक्यूमेंट को बनाने के लिए लाखों लोगों की राय ली गई और उनके विचारों को घोषणा पत्र में शामिल किया गया है. घोषणा पत्र में सभी भारतीयों के नाम लिखे एक पत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है, कि अपने काम के बल पर भारतीय जनता पार्टी 2014 की तरह फिर से आपका आशीर्वाद लेने आई है. मतदाता भाजपा को वोट देकर सशक्त राष्ट्र व सुरक्षित राष्ट्र की कामना कर सकते हैं. इस पत्र में कहा गया है, कि पिछले 5 वर्षों में भारत ने बहुत सी उपलब्धियां हासिल की हैं और बहुत कुछ हासिल करना बाकी है.
इंडिया फर्स्ट व टॉलरेंस
घोषणा पत्र में कहा गया है, कि 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक व बालाकोट एयर स्ट्राइक के साथ राष्ट्र विरोधी उपद्रवियों को कुचलने का कार्य और तेजी से किया जाएगा. सेना को आतंकियों व कश्मीरी पत्थरबाजों से लड़ने के लिए फ्री हैंड दिया जाएगा. वन रैंक वन पेंशन की मांग को भारत सरकार द्वारा पूरा किए जाने की बात भी कही गई है. अर्धसैनिक बलों व पुलिस के आधुनिकीकरण तथा सुरक्षा से संबंधित कार्यों पर जोर दिया गया है.
नागरिक संशोधन विधेयक
देश में अवैध शरणार्थियों की पहचान व उन्हें उनके वतन वापस भेजने के नियम को लागू करने के लिए नागरिक संशोधन विधेयक को पास करने का लक्ष्य रखा गया है. ताकि नॉर्थ ईस्ट की भाषाएं, संप्रदाय व उनकी संस्कृति को बचाने का कार्य आगे बढ़ाया जा सके. साथ ही अन्य देशों के अल्पसंख्यकों हिंदू, बौद्ध, जैन व सिखों की सुरक्षा के लिए उन्हें भारत की नागरिकता का कानून बनाया जायेगा.
धारा 370 व 35ए का खात्मा
2019 में अगर पूर्ण बहुमत की सरकार बनती है तो जम्मू कश्मीर से धारा 370 तथा 35 ए हटाने का प्रस्ताव लाया जायेगा.
राममंदिर
अगर 2019 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनती है, तो सरकार संविधान के दायरे में रहकर राम मंदिर निर्माण का रास्ता तलाशेगी या नियम बनाकर मंदिर का निर्माण करेगी.
किसानों की आय दोगुनी
भारतीय जनता पार्टी की घोषणा पत्र के मुताबिक 2022 तक किसानों की आय दोगुनी कर दी जाएगी. अगर फिर से पूर्ण बहुमत की सरकार बनती है तो प्रधानमंत्री किसान निधि विकास योजना के तहत किसानों को नई सुविधाएं दी जाएंगी और उनके 1 लाख तक के ऋण माफ किए जाएंगे.
भारत होगा बड़ी अर्थव्यवस्था
घोषणा पत्र में मतदाताओं के नाम लिखे अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा है, कि देशवासियों को 2047 के भारत के बारे में सोचना चाहिए. अगर भाजपा की सरकार बनती है, तो भारत दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की तरफ कदम बढ़ायेगा.
सभी के लिए हेल्थ केयर
घोषणा पत्र में कहा गया है, कि आयुष्मान भारत के तहत गरीबों को 5 लाख रूपये तक की चिकित्सा सहायता देने का प्रावधान किया गया है. अगर भाजपा सरकार बनती है, तो इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए सभी भारतीयों को इसकी सुविधा दी जायेगी. यही नहीं 2022 तक देश में करीब 1.5 लाख स्वास्थ्य कल्याण केंद्र स्थापित किए जायेंगे. साथ ही डॉक्टर्स की संख्या भी दोगुनी की जायेगी.
रोजगार
इस लोकसभा चुनाव में रोजगार एक बड़ा मुद्दा है. इस पर घोषणा पत्र में कुछ ज्यादा तो नहीं कहा गया है, लेकिन मुद्रा लोन के तहत देश में स्टार्टअप शुरू होने तथा नए उद्यमियों की तादाद बढ़ने की बात की गई है.
महिला सशक्तिकरण
घोषणा पत्र में महिलाओं को आश्वासन दिया गया है, कि जिस तरह 2014 से 2019 तक महिला सशक्तिरण के लिए सरकार ने कार्य किए हैं. उसी तरह 2022 तक भारत को एक सशक्त नारी प्रधान देश के तौर पर प्रस्तुत करेंगे.
भाजपा के इस घोषणा पत्र में वही सब है जो 2014 के घोषणापत्र में था. इसमें सरकार ने यह साबित करने की कोशिश की है, कि उसे कार्यों को पूरा करने के लिए 5 साल का समय कम पड़ा है, जिसे वह इस कार्यकाल में पूरा करना चाहती है. घोषणा पत्र में 75 वादों की झड़ी लगाई है. और 2022 का लक्ष्य इसलिए दिया गया है, क्योंकि तब तक भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे हो जाएंगे.

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