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नये साल में रियल एस्टेट सेक्टर में आयेगी बहार, लैंड पूलिंग पॉलिसी लागू होने के बाद राजधानी में भी दिखेगा बूम

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सांकेतिक चित्र
प्रश्न- गिरीश जी, नववर्ष 2018 नई-नई खुशियां लेकर आए. इसी कामना के साथ हम नव वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं. पिछले कई वर्षों से हम रियल एस्टेट में उठा-पटक की स्थिति से गुजर रहे हैं. कामकाज सरकार की नई नीतियों के क्रियान्वयन के कारण ठप्प होने की कगार पर पड़े हैं. पहले नोटबंदी फिर जीएसटी, यह मार मार्किट पर ऐसी पड़ी कि चले चलाए काम धीमे पड़ गए. क्या नववर्ष 2018 कुछ सुधार की किरण लेकर आएगा? रियल एस्टेट सेक्टर के लिए इस वर्ष में क्या उम्मीद की जा सकती है? दिल्ली में रियल एस्टेट की क्या स्थिति रहेगी? संकेत जैन
Girish Sharma, Property Conslutant
उत्तर- रियल एस्टेट पिछले कई वर्षों से मंदी की मार झेल रहा है. जिससे फ्लैटों की बिक्री प्रभावित हुई है. और नए प्रोजेक्ट जोकि लाइन में थे, उन पर तो काम शुरू भी नहीं हो पाया है. पहले बाजार में मंदी, फिर नोटबंदी, फिर जीएसटी और उसके बाद ‘रेरा’ यह सभी मार्किट की रफ्तार को धीमा करने के लिए काफी हैं. रियल एस्टेट क्षेत्र की कंपनियां 2018 के बेहतर रहने की उम्मीद कर रही हैं. उन्हें उम्मीद है, कि सस्ते मकानों और अन्य रियायतों से रियलिटी क्षेत्र आगे बढ़ सकेगा. आवास ऋण पर अब ब्याज दरें कम हो चुकी हैं और प्रॉपर्टी की कीमतें अब काफी हद तक स्थिर हो चुकी हैं. इस कारण से उम्मीद की जा रही है, कि घरों की बिक्री सुधरेगी. परंतु यह सुधार धीरे-धीरे होगा और एकदम से बहुत सुधार की उम्मीद करना जायज भी नहीं होगा. यह भी पढ़ें : प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत क्रेडिट सब्सिड़ी लिंक स्कीम में शहरी प्रॉपर्टी में भी शानदार मौके 
‘रेरा’ एक ऐसी उम्मीद की किरण लेकर आया है, जिससे कि खरीददारों में कुछ उम्मीद जगी है. इसके आते ही वह सभी लोग, जो सिर्फ पैसा कमाने के लिए ही इस क्षेत्र में आए थे और वह भरोसेमंद भी नहीं थे, उनमें से कुछ बाहर हो गए हैं. और कुछ बाहर हो जाएंगे. जेपी इंफ्राटेक और आम्रपाली समूह जिन्होंने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया था, सरकारी हस्तक्षेप के बाद खरीददारों से ली हुई राशि को वापिस करने के लिए बाध्य हो रहे हैं.
जहां जनवरी से अक्टूबर 2017 के दौरान प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री में 30-40 प्रतिशत की गिरावट आई है, वहीं नई परियोजनाओं के आने में 50 प्रतिशत की गिरावट आई थी. इन सभी झटकों के चलते मार्किट को स्थिर होने में कुछ समय लग सकता है. परंतु 2018 में कुछ अच्छे की कल्पना करना तो वाजिब भी है. जहां तक दिल्ली का सवाल है, तो दिल्ली देश की राजधानी और बड़ा मेट्रो शहर होने के कारण यहां प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त कभी रूक नहीं सकती है. हाँ तेजी और मंदा तो व्यापार में चलता रहता है. दिल्ली में प्रॉपर्टी का भविष्य अब पूरी तरह डीडीए की लैंड पूलिंग पॉलिसी पर निर्भर है? इस पॉलिसी में लगातार डीडीए द्वारा अमेंडमेंट किए जा रहे हैं? जिसके कारण इसमें देरी हो रही है. लैंड पूलिंग पॉलिसी पूर्ण रुप से लागू होते ही एक बार फिर से दिल्ली में रियल एस्टेट की स्थिति बहुत अच्छी हो जाएगी.
और अधिक जानकारी के लिए आप गिरीश शर्मा के फेसबुक पेज Shanti Properties (Regd.)  पर जाकर उनके पिछले लिखे लेख पढ़ सकते हैं एवं उनसे समय लेकर मिल भी सकते हैं.

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