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जीएसटी के सरलीकरण का व्यापारिक संगठनों ने स्वागत किया, 2019 में जीएसटी के साथ जुड़ सकते हैं 2 करोड़ व्यापारी

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सांकेतिक चित्र
संवाददाता.
नई दिल्ली. 06 जनवरी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक टीवी इंटरव्यू में जीएसटी को सरलीकृत किये जाने, कर पालना को अधिक आसान बनाने तथा उपभोक्ताओं को जीएसटी से फायदा पहुंचाने के वक्तव्य का व्यापारिक संगठन कैट ने स्वागत किया है. जीएसटी में न्यूनतम सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 75 लाख किये जाने के प्रधानमंत्री के सुझाव को कैट ने तर्कसंगत बताते हुए कहा कि इससे देश भर में छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी.
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री के विचारों को बेहद उत्साहजनक बताते हुए कहा कि इससे लगता है, कि केंद्र सरकार जीएसटी पर खुले दिमाग से काम कर रही है और छोटे व्यापारियों की परेशानियों को दूर करने के लिए कृत संकल्प है. उन्होंने
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कहा कि व्यापारी भी जीएसटी के साथ जुड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन कर प्रणाली को और अधिक आसान किये जाने की जरूरत है. यह भी पढ़ें : चार साल से बस उम्मीदों पर सवार जनता, नए साल में कितनी राहत, कोई नहीं जानता..? भरतिया एवं खंडेलवाल ने कहा कि इन कदमों के अलावा सरकार को अधिक से अधिक व्यापारियों को कंप्यूटर टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, क्योंकि जीएसटी पूर्ण रूप से एक कंप्यूटर आधारित कर प्रणाली है. और जीएसटी के साथ अधिक से अधिक व्यापारियों को जोड़ने के लिए उनका कंप्यूटर से जुड़ना आवश्यक है. कैट ने सुझाव दिया कि सरकार को उन व्यापारियों को वित्तीय सहायता देनी चाहिए जो अपने वर्तमान व्यापार को कम्प्यूटरीकृत करना चाहते हैं. दोनों व्यापारी नेताओं ने कहा कि देश में लगभग 7 करोड़ छोटे व्यवसाई हैं, जिनमें से केवल अब तक 35 प्रतिशत व्यापारी ही अपने व्यापार को कंप्यूटर से जोड़ पाएं हैं.
भरतिया एवं खंडेलवाल ने कहा कि यदि जीएसटी को सरलीकृत और आसान बनाया जाता है, तो वर्ष 2019 में जीएसटी के अंतर्गत पंजीकृत व्यापारियों की संख्या 2 करोड़ हो सकती है. इससे जहाँ सरकार का कर दायरा बढ़ेगा वहीं बड़ी मात्रा में राजस्व भी बढ़ेगा. इसके लिए सरकार को देश भर में फैले व्यापारी संगठनों के सहयोग से एक निश्चित राष्ट्रीय अभियान चलना पड़ेगा, जिसके अंतर्गत व्यापारियों को जीएसटी के मुख्य प्रावधान एवं कर पालना के बारे में शिक्षित किया जा सके.

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