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कैट ने प्रधानमंत्री से बजट पूर्व व्यापारियों के लिए पैकेज देने की मांग की

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Praveen Khandelwal & Narender Modi. File Photo
संवाददाता.
नई दिल्ली. 25 जनवरी. आगामी केंद्रीय बजट के सन्दर्भ में कन्फेडरेशन आॅफ आल इंडिया ट्रेडर्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन भेजकर देश में छोटे व्यापारियों के व्यापार को और अधिक सरल बनाने एवं व्यापार करने के बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए आगामी बजट में या उससे पूर्व सुविधाओं का एक पैकेज देने की मांग की है.
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है, कि जीएसटी में पंजीकृत प्रत्येक व्यापारी का उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर 10 लाख रुपये तक का एक्सीडेंट बीमा किये जाने, व्यापारियों को कम्प्यूटरीकृत करने के लिए कंप्यूटर एवं उससे संबंधित सामान खरीदने हेतु सब्सिड़ी देने की मांग की है. ज्ञापन में मांग की गई है, कि देश के रिटेल व्यापार के लिए एक राष्ट्रीय व्यापार नीति बनाई जाए और घरेलू व्यापार की देख-रेख के लिए एक आंतरिक व्यापार मंत्रालय का गठन किया जाए. एक लंबे समय से लंबित ई-कॉमर्स पॉलिसी को तुरंत लागू किया जाए तथा एक निष्पक्ष एवं पारदर्शी ई कॉमर्स पोर्टल खोलने में सरकार व्यापारियों की सहायता करे. वहीं ई-कॉमर्स व्यापार को संचालित करने के लिए एक रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठन किया जाए. यह भी पढ़ें : अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों हेतु समीक्षा बैठक में बोले इंद्रेश कुमार हमारा मिशन कहीं पीछे नहीं छूटना चाहिए देश में लगभग 7 करोड़ छोटे व्यवसायी हैं, जो लगभग 30 करोड़ लोगों को आजीविका देते हैं. तथा प्रति वर्ष लगभग 42 लाख करोड़ रुपये का व्यापार करते हैं. कैट ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है, कि रिटेल सेक्टर की वित्तीय एवं सामजिक स्थिति पर देश भर में एक सर्वे कराया जाए तथा सर्वे रिपोर्ट के आधार पर व्यापारियों के लिए नीतियां एवं योजनाएं बनाई जाएँ.
ज्ञापन में कहा गया है, कि देश के घरेलू व्यापार को बढ़ावा देने एवं उसे व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए सरकार एक ट्रेड प्रमोशन काउन्सिल का गठन करे जो सरकार एवं व्यापारियों के बीच सेतु का काम करे. यह भी मांग की गई है, कि व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए सभी प्रकार के डेबिट अथवा क्रेडिट कार्ड के उपयोग पर कोई शुल्क नहीं लगाना चाहिए.
खंडेलवाल ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की, कि जीएसटी में पंजीकृत सभी व्यापारियों के लिए सरकार एक पेंशन स्कीम लागू करे, वहीं जीएसटी को और अधिक सरल बनाया जाए. तथा देश भर में लगने वाले मंडी टैक्स एवं जम्मू में लगने वाले टोल टैक्स को समाप्त किया जाए. इसके अलावा जीएसटी में 18 प्रतिशत की कर दर को खत्म करने, 28 % की कर दर में केवल विलासिता की वस्तुएं रखते हुए इससे आॅटो पार्ट्स, सीमेंट आदि को निकाल कर 12 प्रतिशत की दर में रखे जाने की मांग की गई है.

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