Home Business कैट द्वारा ड्राफ्ट ई-कॉमर्स पॉलिसी पर चर्चा के लिए विचार-विमर्श सत्र आयोजित

कैट द्वारा ड्राफ्ट ई-कॉमर्स पॉलिसी पर चर्चा के लिए विचार-विमर्श सत्र आयोजित

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संवाददाता.
नई दिल्ली. 08 मार्च. कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स ने हाल ही में ई-कॉमर्स पॉलिसी के जारी ड्राफ्ट पर सभी हितधारकों के विचारों को आमंत्रित करने के लिए राजधानी में एक सम्मेलन का आयोजन किया. इस प्रतीक्षित नीति को जारी करने पर लगातार जोर दे रहे कैट ने इस सम्मेलन में शिरकत कर रहे सभी प्रतिभागियों से सुझाव आमंत्रित किए. इन एकत्रित सुझावों को वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत आंतरिक व्यापार विभाग को भेजा जाएगा.
नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, जिनका मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, अतुल्य भारत जैसी विभिन्न सरकारी पहलों में अभिन्न योगदान रहा है, ने भी इस अवसर पर व्यापारियों को संबोधित किया. उन्होंने ई-कॉमर्स नीति के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत की और प्रतिभागियों से उनके विचार और प्रतिक्रिया जानने के उद्देश्य से व्यापक चर्चा की. इस अवसर पर उन्होंने कहा, कि भारत में रिटेल ट्रेड का भविष्य बेहद आशाजनक है और यह तेजी से आगे बढ़ रहा है. हालाँकि, भारत जैसे विविध और विकासशील देश में व्यापारिक समुदाय की प्रगति के लिए डिजिटलीकरण ही एकमात्र जरिया है और इस वजह से भारतीय रिटेल ट्रेड एवं रिटेलरों को भी पूरी तरह से डिजिटल अपना लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत का रिटेल ट्रेड आने वाले वर्षों में विस्तार की ओर अग्रसर है. इसलिए व्यापारियों के लिए प्रौद्योगिकी और डिजिटलीकरण को अपनाना बेहद आवश्यक है. उन्होंने कहा, कि जहाँ तक ई-कॉमर्स की बात है तो यह एक क्रांति है और कोई भी खुद को जमीनी हकीकत से अलग नहीं कर सकता. पूरे देश में यहां तक कि सड़कों एवं हर क्षेत्र में व्यापारियों का व्यापक नेटवर्क है और उन्हें कोई हरा नहीं सकता. हालाँकि, बदलते परिदृश्य में, सरकार व्यापारियों के हितों की रक्षा करेगी और दूसरी तरफ बड़े खिलाड़ियों और छोटे व्यापारियों के बीच सह-अस्तित्व के सिद्धांत को सुनिश्चित करने और समन्वय स्थापित करने के लिए भी बेहतरीन प्रयास करेगी. यह भी पढ़ें : महाराजा अग्रसेन मेडिकल विद्यालय बहादुरगढ़ में राजमंती देवी नर्सिंग हॉस्टल का उद्घाटन नई ई-कॉमर्स नीति पर अपने विचार व्यक्त करते एवं अपनी आशंकाओं को साझा करते हुए कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, कि हम पूरी तरह से इस नई ई-कॉमर्स नीति का स्वागत करते हैं. लेकिन इसमें सभी हितधारकों की चिंताओं का समाधान होना चाहिए. दोनों व्यापारी नेताओं ने कहा कि भले ही यह नीति व्यापक दिखती है, लेकिन इसने घरेलू ई-कॉमर्स प्लेयर्स द्वारा सामना किए जाने वाले मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला के समाधान प्रदान नहीं किए गए हैं. साथ ही इस सेगमेंट में मौजूद स्वदेशी प्लेयर्स को विकास और विस्तार का अवसर प्रदान करने में यह नीति मददगार साबित होनी चाहिए, तभी भारत को विनिर्माण के क्षेत्र में एक वैश्विक हब बनाने की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है.
कैट ने इस अवसर पर दोहराया कि इस कान्फ्रेंस में प्राप्त हुई आपत्तियों और सुझावों को वाणिज्य मंत्रालय को अंतिम परिणाम को बेहतर और व्यापक बनाने की तर्कसंगत अपेक्षा के साथ प्रस्तुत किया जाएगा.

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