Home States चमार रेजीमेंट के जांबाज सिपाही धर्म सिंह का निधन, अंतिम संस्कार में...

चमार रेजीमेंट के जांबाज सिपाही धर्म सिंह का निधन, अंतिम संस्कार में नहीं दिखा एक भी स्वयंभू दलित नेता

578
0
SHARE
संवाददाता.
हरियाणा/सोनीपत. चमार रेजीमेंट के जांबाज सिपाही धर्म सिंह का बीते शनिवार तड़के 4 बजे निधन हुआ, तो मानो एक युग की समाप्ति हो गई. 108 वर्षीय धर्म सिंह चमार रेजीमेंट के उन जांबाज लड़ाकों में शामिल थे, जिन्होंने नेताजी सुभाषचंद बोस की आजाद हिंद सेना का समर्थन करते हुए अंगे्रजों के खिलाफ बगावत कर दी थी. उनका अंतिम संस्कार रविवार को उनके पैतृक गांव कैलाना में किया गया. लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण यह रहा कि चमार रेजीमेंट के इस जांबाज सिपाही के अंतिम संस्कार में भी किसी तथाकथित दलित नेता ने पहुंचने की जहमत नहीं उठाई. गाजियाबाद से भाजपा के वरिष्ठ नेता शांत प्रकाश जाटव ने जरूर इस वीर सिपाही के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया. इस अवसर पर जाटव ने पुष्प चक्र अर्पित करते हुए चमार रेजीमेंट के योद्धा को अंतिम श्रद्धांजलि दी और उनके शव को कंधा देते हुए शवयात्रा में भागीदार बनें. उनके अंतिम संस्कार के दौरान भी उनके परिजनों और गांववासियों की यही शिकायत रही कि सरकार की बात तो छोड़ दी जाए, लेकिन दलितों के नाम पर दिन-रात राजनीतिक रोटियां सेकने वाले दलित नेता, न जीते जी उनके पास पहुंचे और ना ही मरने के बाद. यह भी पढ़ें : हादसों एवं लापरवाही की खूनी सड़कें, आखिर कब बदलेंगे हालात इस अवसर पर अंतिम संस्कार में पहुंचे भाजपा नेता शांत प्रकाश जाटव ने कहा कि चमार रेजीमेंट के जांबाज योद्धा धर्म सिंह का निधन एक युग का अवसान है. उन्होंने कहा कि धर्म सिंह के निधन के बाद भी चमार रेजीमेंट की कहानी अभी अधूरी है और वह इस रेजीमेंट की बहाली के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे. गौरतलब है कि शांत प्रकाश बीते लंबे समय से चमार रेजीमेंट की बहाली की मांग कर रहे हैं. इसके लिए उन्होंने प्रधान मंत्री और रक्षा मंत्री को पत्र भी लिखा था, जिसके जवाब में तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने इस विषय पर समुचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था. बहरहाल चमार रेजीमेंट जब बहाल होगी, तब होगी. लेकिन इस जांबाज सिपाही के निधन उन तथाकथित दलित नेताओं की पोल जरूर खोल दी, जो समाज की बेहतरी के लिए राजनीति करने का दावा करते हैं, लेकिन समाज ही नहीं देश और सेना के एक वरिष्ठ नायक रहे धर्म सिंह को न उन्होंने जीते जी पूछा और ना ही मरने के बाद सुध ली.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here