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‘हौंसला-2017’ में चाइल्ड केयर संस्थानों के 500 से ज्यादा बच्चे शामिल, बाल संसद और पेंटिंग प्रतियोगिता में भाग लिया

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The Minister of State for Women & Child Development and Minority Affairs, Dr. Virendra Kumar in a group photograph at the Painting Competition of Children from CCIs: Hausla 2017, in New Delhi on November 17, 2017. The Secretary, Ministry of Women and Child Development, Shri Rakesh Srivastava is also seen.
संवाददाता.
नई दिल्ली. 17 नवंबर. ‘हौंसला-2017’ के अंतर्गत महिला और बाल विकास मंत्रालय ने आज नई दिल्ली में देश भर के चाइल्ड केयर संस्थानों में रह रहे बच्चों के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की. इसमें राज्यों, संघशासित प्रदेशों के सीसीआई के 46 बच्चों ने भाग लिया. महिला और बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने विजेताओं को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किए.
इस अवसर पर डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने पेंटिंग प्रतियोगिता के जरिये प्रदर्शित बच्चों के जोरदार प्रयासों और उनकी सृजनशीलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि बच्चों ने जिस तरीके से अपनी कल्पना और सपनों को पेंटिंग के रंगों के जरिये साकार किया है, उससे वे बेहद प्रभावित हुए हैं. उन्होंने घोषणा की, कि इन सभी पेंटिंग का प्रदर्शन संसद सौध में किया जाएगा और इन पेंटिंगों के जरिये एकत्र धनराशि बच्चों में बांटी जाएगी.  यह भी पढ़ें : दिल्ली सरकार ने रोका फंड, तो विकास कार्यों पर लगा ब्रेक 
बच्चों को संबोधित करते हुए मंत्रालय में सचिव राकेश श्रीवास्तव ने दोहराया कि मंत्रालय ने चाइल्ड केयर संस्थानों में रह रहे बच्चों के लिए पहली बार इस तरह का राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित किया है. उन्होंने कहा कि मंत्रालय क्षेत्रीय और राज्य स्तर पर भी ऐसे आयोजन करना चाहता है. चाइल्ड केयर संस्थानों में बच्चों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए मंत्रालय इन संस्थानों द्वारा बच्चों की देखभाल के मानकों के आधार पर उनकी रैंकिंग कर रहा है. पेंटिंग कार्यक्रम प्रमुख कलाकारों सुश्री आशिमा भोला, सुश्री मधुमिता बल, सत्य विजय, सुश्री श्रुति और सुश्री नैना माथुर की कार्यशाला से शुरू हुआ. पेंटिंग का चयन तीन जजों के पैनल गोविन्द कुमार, विकी राय और सुश्री नैना माथुर के द्वारा किया गया.
प्रथम पुरस्कार असम, द्वितीय पुरस्कार पंजाब और तृतीय पुरस्कार आंध्र प्रदेश के बच्चे को प्रदान किया गया. इससे पहले ‘हौंसला-2017’ के समारोह के अंतर्गत नई दिल्ली में बाल संसद का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने जीने के अपने अधिकार, विकास, संरक्षण और भागीदारी से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए.

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