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रामजस स्कूल के वार्षिकोत्सव ‘नवरस’ में छात्रों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर झूमे अतिथि

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आनंद पर्वत. 18 मई. रामजस स्कूल आनंद पर्वत ने अपना 47वां वार्षिक दिवस एवं पुरस्कार वितरण समारोह सांस्कृतिक प्रस्तुति ‘नवरस’ के साथ मनाया. तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में बीती 15 मई को आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला, पश्चिमी दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा, विधायक विशेष रवि एवं रामजस फाउंडेशन के सचिव गौरी शंकर मूंदड़ा सहित राजनाथ गुप्ता, राजीव चावला एवं आत्म प्रकाश सहित फाउंडेशन के तमाम सदस्य मौजूद रहे.
इस अवसर पर कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों का स्वागत चेयरमैन देवेश गुप्ता एवं प्रबंधक महेंद्र चावला ने किया. कार्यक्रम में मौजूद मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने अपने संबोधन में अकादमिक, खेल एवं विविध रचनात्मक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्कूल प्रबंधन, कर्मचारियों और छात्रों को बधाई देते हुए भारतीय संस्कृति एवं मातृभाषा हिंदी को बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया. श्री शुक्ला ने कहा कि संस्थान इस बात के लिए बधाई का पात्र है, कि उसने छात्रों को मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण एक बेहतर इंसान बनने की सीख दी. इस अवसर पर उन्होंने स्कूल पत्रिका के नए अंक का विमोचन भी किया. शुक्ला ने शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कृत भी किया. कार्यक्रम के दौरान स्कूल की प्रिंसीपल श्रीमती अर्चना चुघ ने स्कूल की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की.
स्कूल के चेयरमैन देवेश गुप्ता ने अपने संबोधन में सीखने का ऐसा प्रेरणादायक माहौल प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें युवा जिज्ञासु मस्तिष्क भलीभांति ज्ञान की खोज, विश्लेषण और संश्लेषण कर सकें. यह भी पढ़ें : मैजिक बस एनजीओ ने किया खेल प्रतियोगिता का आयोजन समारोह के दौरान प्रस्तुत विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नृत्य-संगीत की समृद्ध विरासत की झलक देखने को मिली. वहीं ‘लड़ते हुए सिपाही’ की बेहतर प्रस्तुति ने देशभक्ति एवं शहीदों के प्रति सम्मान की भावना का संचार करते हुए सभी को गर्व एवं प्रेरणा की भावना से भर दिया. सांयकालीन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण नृत्य-नाटिका की प्रस्तुति रही, जिसमें प्यार, क्रोध, खुशी, साहस, शांति, उदासी, भय और घृणा आदि विभिन्न मानवीय भावनाओं का सुंदर एवं भावपूर्ण चित्रण किया गया. राष्ट्रीय गान के साथ समारोह का समापन हुआ. सभी ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बेहतर प्रस्तुति के लिए सांस्कृतिक विभाग की मुक्तकंठ से सराहना की.

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