Home State News डीडीए के प्रस्ताव से हटेगी व्यापारियों के ऊपर लटकी सीलिंग की तलवार

डीडीए के प्रस्ताव से हटेगी व्यापारियों के ऊपर लटकी सीलिंग की तलवार

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सांकेतिक चित्र
संवाददाता.
नई दिल्ली. 02 फरवरी. एकीकृत दिल्ली नगर निगम की निर्माण समिति के पूर्व चेयरमैन जगदीश ममगांई ने दिल्ली में 50 दिन, 1200 दुकान सील होने के बाद सीलिंग से राहत देने के लिए डीडीए द्वारा एफएआर को बढ़ाये जाने, पेनाल्टी में कमी तथा 12 मीटर चौड़े रोड पर बने गोदामों के नियमित किये जाने के निर्णय का स्वागत किया है.
jagdish mamgain
ममगांई ने इसे देर आयद दुरूस्त आयद का उदाहरण बताते हुए कहा कि एफएआर 180 से बढ़ाकर 300, बेसमेंट का नियमितीकरण, कन्वर्जन चार्ज जमा न करने वालों पर पेनाल्टी में कमी व 12 मीटर रोड पर बने गोदामों को नियमित करने के प्रस्ताव से सीलिंग के मामलों में कमी आएगी. हालांकि मिक्स लैंड यूज के अंतर्गत रिहायशी क्षेत्रों में प्रथम तल व बेसमेंट में चल रहे व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को इससे राहत नहीं मिल पाएगी. यह भी पढ़ें : भाजपा जिला बाहरी दिल्ली ने केजरीवाल सरकार का पुतला फूंका, सीलिंग, बिजली और पानी के बढ़े दामों के खिलाफ प्रदर्शन 
ममगांई ने कहा कि एफएआर 180 से बढ़ाकर 300 करने से तीनों तलों पर चल रहे व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को समान लाभ मिलेगा, क्योंकि अधिकतर जगह प्रत्येक तल का स्वामित्व अलग व्यक्तियों के पास है. उन्होंने कहा कि दिल्ली की सभी मार्किटों के कन्वर्जन शुल्क कम होने चाहिएं, जो व्यवहारिक हों तथा व्यापारी बिना किसी बोझ के भुगतान कर सकें. ममगांई ने कहा कि दिल्ली नगर निगम केन्द्र सरकार की स्वीकृति से जब तक विशेष क्षेत्र भवन अधिनियम नहीं बनाएगा तब तक इन क्षेत्रों के लिए विशेष क्षेत्र भवन अधिनियम बनकर अधिसूचित नहीं होता तब तक विशेष क्षेत्र के रूप में परिभाषित वॉल्ड सिटी, करोलबाग, अनधिकृत नियमित कॉलोनी व गांव आबादी पर यथास्थिति बना रहना चाहिए. उन्होंने वर्ष 1962 से पूर्व रिहायशी क्षेत्रों में चल रही व्यवसायिक इकाइयों को भी सील नहीं किये जाने की बात कही.

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