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पुरानी दिल्ली के व्यापार को विकृत करने की साजिश कर रही है दिल्ली सरकार, चाँदनी चौक के सौन्दर्यीकरण के मामले में व्यापारियों को विश्वास में लिया जाए

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सांकेतिक चित्र
संवाददाता.
नई दिल्ली. 15 दिसंबर. एक लंबे अरसे से लंबित चाँदनी चौक के सौंदर्यीकरण के नाम पर दिल्ली सरकार पुरानी दिल्ली के सदियों पुराने व्यापारिक स्वरूप को नष्ट करने पर तुली हुई है और इस मामले में प्लान बनाते समय चाँदनी चौक की वर्षों से स्थापित ट्रेड एसोसिएशनों को विश्वास में नहीं लिया गया है. यह मुद्दा पुरानी दिल्ली के 50 हजार से भी ज्यादा व्यापारियों से जुड़ा होने के कारण राजधानी के व्यापारियों के बीच बहस का विषय बना हुआ है. और यहाँ के व्यापारी व्यापार के भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं. वहीं दूसरी और हजारों की संख्या में माल ढोने वाले लोगों की रोजी-रोटी भी इससे बुरी तरह प्रभावित होगी. व्यापारिक संगठन कैट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री से माँग की है, कि इस सुंदरता के काम को तुरंत रोका जाए और मुख्यमंत्री स्वयं चाँदनी चौक के सभी व्यापारिक संगठनों की बैठक बुलाकर प्लान तैयार करे. यह भी पढ़ें : भारतीयों के जीवन में सुधार लाएगी ‘गेल’ की अनूठी पहल, ‘#ब्रिंग बैक द ब्ल्यू स्काई’ की शुरूआत कन्फेडरेशन आॅफ आॅल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल और प्रदेश महामंत्री देव राज बवेजा ने दिल्ली सरकार की आलोचना
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करते हुए कहा कि इस विषय पर चाँदनी चौक में सदियों से चल रही होलसेल मार्किट्स का कोई ध्यान नहीं रखा गया है. पार्किंग प्लान एवं माल की लोडिंग एवं अनलोडिंग कैसे होगी, इस बारे में सोचा ही नहीं गया है. दोनों व्यापारी नेताओं ने कहा कि चाँदनी चौक की सुंदरता यहाँ सदियों से चल रहे व्यापार की वजह से है, न की दिखावटी मरम्मत करने से. उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से चाँदनी चौक का सौंदर्यीकरण जरूरी है और बुनियादी सुविधाओं को भी विकसित करने की जरूरत है, लेकिन यहाँ चल रहे व्यापार पर इसका असर न पड़े इस नजरिए से योजना बनाने की जरूरत है. साथ ही ऐसी योजना बनाते समय स्थानीय व्यापारिक संगठनों को भी विश्वास में लिया जाना जरूरी है, जो दिल्ली सरकार ने नहीं किया है. खंडेलवाल और कैट के प्रदेशाध्यक्ष सुशील गोयल ने कहा कि चाँदनी चौक में प्रमुख रूप से कपड़े, बिजली, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेडियो, मेडिसन, सर्जिकल उपकरण, घड़ी, फोटोग्राफी, सोने-चाँदी, साड़ी, रेडीमेड गार्मेंट्स जैसी लगभग 50 से अधिक वस्तुओं की होलसेल मार्किट हैं, जहां से देश भर में प्रतिवर्ष हजारों करोड़ रुपए का सामान जाता है और सरकार को हजारों करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होता है. यदि दिल्ली सरकार ने चाँदनी चौक के सौंदर्यीकरण के मौजूदा प्लान को जारी रखा तो व्यापार का बड़ा नुकसान होगा और सरकार को भी मिलने वाले राजस्व की हानि होगी.

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