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हॉलमार्क में 20 कैरेट को मान्यता देने की मांग, रामविलास पासवान से मिला प्रतिनिधिमंडल

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सांकेतिक चित्र
संवाददाता.
नई दिल्ली. 20 नवंबर. व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन आॅफ आॅल इंडिया ट्रेडर्स ने आज केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान से आग्रह किया है, कि सोने के जेवरों पर हॉलमार्क क्वालिटी में एक नया मानक 20 कैरेट, जिसकी शुद्धता 83.33 प्रतिशत होती है को भी अन्य मानकों के साथ लागू किया जाये.
Ramvilas Paswan
praveen khandelwal
संगठन ने कहा है, कि इससे देश भर में सर्राफा व्यापारियों को व्यापार करने में जहाँ सुविधा होगी, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को भी कम कीमत पर सोने के आभूषण बेहतर क्वालिटी में मिल सकेंगे. विदित हो कि अभी तक भारत सरकार द्वारा सोने के जेवरों पर अंतरराष्ट्रीय हॉलमार्क स्टैण्डर्ड में 14 कैरेट, 18 कैरेट और 22 कैरेट शुद्धता को मान्यता दी है. और जल्द ही भारत सरकार इस स्टैण्डर्ड को देश भर में लागू करने वाली है. यह भी पढ़ें : मूडीज की रेटिंग ने हैप्पी किया सरकार का मूड  कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे देश में सोने के आभूषणों के प्रति विश्वसनीयता बनेगी और उपभोक्ताओं को खरीददारी करते समय क्वालिटी के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं रहेगा. इससे देश भर में सोने के जेवरों में एकरूपता बनेगी, किन्तु इन मानकों से सर्राफा व्यापारियों को अनेक विसंगतियों का सामना करना पड़ेगा.  कैट की ज्वैलर्स विंग के राष्ट्रीय संयोजक पंकज अरोड़ा ने बताया कि सरकार द्वारा जारी किए गए मानक में प्रथम मानक 14 कैरट 58.33% स्वर्ण शुद्धता का है, जिसका प्रयोग केवल जड़ाऊ (डायमण्ड) ज्वैलरी में प्रयोग होता है. इससे किसी भी ज्वैलर्स को कोई असुविधा नहीं है. दूसरा मानक 18 कैरट 75% शुद्धता का है, लेकिन इस शुद्धता से बने जेवरों की रंगत खराब होकर जल्द फीकी पड़ जाती है.
सरकार द्वारा तीसरा मानक 22 कैरट 91.60% शुद्धता का है और सोने के हल्की धातु होने के कारण इसके जल्द टूटने की संभावना रहती है. पंकज अरोड़ा ने कहा कि देश भर में लगभग 80%से अधिक परिवार अक्सर 4-5 तोला सोने में शादी के सभी जेवर तैयार कराते हैं. वहाँ 22 कैरेट में सभी जेवर बनवा पाना असंभव है, क्योंकि जेवर का वजन बढ़ जाता है. जिससे ग्राहक को चीज महंगी मिलती है. वहीं 18 कैरेट में सोने के जेवर तैयार करने पर रंगत खराब होने का डर रहता है.
इस नजरिये से कैट ने पासवान से आग्रह किया है, कि ग्राहकों के हित को देखते हुए हॉलमार्क स्टैण्डर्ड में एक और नए मानक 20 कैरट 83.33%शुद्धता को भी मान्यता दी जाए.

 

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