Home Business ई-कॉमर्स, रिटेल में एफडीआई और सीलिंग के खिलाफ व्यापारियों का विरोध प्रदर्शन

ई-कॉमर्स, रिटेल में एफडीआई और सीलिंग के खिलाफ व्यापारियों का विरोध प्रदर्शन

120
0
SHARE
संवाददाता.
नई दिल्ली. 21 दिसंबर. देश के रिटेल व्यापार में एफडीआई और ई-कॉमर्स के कारण तेजी से बिगड़ते व्यापारिक माहौल और राजधानी में सीलिंग के कारण तबाह हो रहे व्यापार पर अपना रोष प्रकट करते हुए दिल्ली सहित देश के हजारों व्यापारियों ने कन्फेडरेशन आॅफ आल इंडिया ट्रेडर्स द्वारा आयोजित एक व्यापारी रैली में केंद्र सरकार से मांग की, कि रिटेल व्यापार में एफडीआई की अनुमति न दी जाए. और जो अनुमति दी गई है उसे वापस लिया जाए. वहीं ई-कॉमर्स के लिए एक पॉलिसी बनाई जाए तथा सीलिंग को रोकने के लिए संसद के चालू सत्र में एक विधेयक लाया जाए अथवा संसद सत्र के तुरंत बाद सरकार अध्यादेश लाये.
रैली को संबोधित करते हुए कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि सरकार अविलम्ब व्यापारियों द्वारा उठाये गए मुद्दों पर ध्यान देते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाये. व्यापारी नेता ने कहा कि ई-कॉमर्स और रिटेल में एफडीआई एक नासूर की तरह देश के रिटेल व्यापार को खा रहा है, जिससे निश्चित रूप से आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था खोखली होगी. उन्होंने कहा कि कैट देश के 7 करोड़ व्यापारियों की ताकत के साथ मिलकर इस मुद्दे पर एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाएगी. इसकी रणनीति, आगामी 12-13 जनवरी को भोपाल में कैट की राष्ट्रीय गवर्निंग कॉउन्सिल में तय होगी. रैली में व्यापारियों का एक 16 सूत्रीय राष्ट्रीय चार्टर भी जारी किया गया.
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश में बेलगाम ई-कॉमर्स एवं रिटेल व्यापार में एफडीआई के आने से दिल्ली सहित देश भर में व्यापारियों के व्यापार का बुरा हाल है. विदेशी कंपनियां हर हथकंडा अपनाकर देश के रिटेल बाजार पर अपना कब्जा जमाने की नीयत से काम कर रही हैं. यह भी पढ़ें : व्यापारियों को सीलिंग से राहत नहीं, अवैध निर्माण भी जारी, भाजपा नेता ने प्रधानमंत्री मोदी से की शहरी विकास मंत्री बदलने की मांग और देश के कुछ बड़े कॉरपोरेट घराने अपने स्वार्थ के लालच में इन विदेशी कंपनियों का सहयोग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इन कंपनियों पर लगाम कसने के लिए देश में तुरंत एक ई- कॉमर्स पॉलिसी बने तथा रिटेल व्यापार में एफडीआई को अनुमति न देने की मांग भी की गई.
कैट के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ब्रजमोहन अग्रवाल ने बताया कि इस मुद्दे पर बीते 15 सितम्बर को दिल्ली के लालकिले से कैट ने एक सम्पूर्ण रिटेल क्रान्ति रथ यात्रा शुरू की थी जो देश के लगभग 26 राज्यों के 400 शहरों से होकर आज दिल्ली पहुंची है. इस रथ ने देश भर में 93 दिनों में लगभग 23 हजार किलोमीटर की यात्रा तय की है और व्यापारियों से संपर्क कर रिटेल व्यापार की अनदेखी और दुर्दशा का सन्देश दिया है.
वहीं खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली में सीलिंग के कारण व्यापारियों में चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है. व्यापार पर अनिश्चितत्ता के बादल मंडरा रहे हैं. किसी भी सरकारी विभाग को सीलिंग के विषय में कोई अधिकृत जानकारी नहीं है, जिसके कारण से दिल्ली का व्यापार गत वर्षों के मुकाबले काफी कम हो गया है. उन्होंने कहा कि एक साल से ज्यादा का समय हो गया जब दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में हजारों दुकानों की सीलिंग की गई थी. मास्टर प्लान में संशोधन आने के बाद भी आज तक एक भी दुकान की सील नहीं खुली है. उन्होंने कहा कि मॉनिटरिंग कमेटी अपने अड़ियल रवैय्ये के कारण दिल्ली के व्यापार को बर्बाद करने पर तुली है. लाखों लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. ऐसे में अब केंद्र सरकार के हस्तक्षेप और संसद के चालू सत्र में इस मुद्दे पर एक विधेयक लाकर सीलिंग रोकना ही एकमात्र विकल्प बचा है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here