Home National गडकरी का मार्च 2019 तक गंगा की सफाई का दावा, कहा मार्च...

गडकरी का मार्च 2019 तक गंगा की सफाई का दावा, कहा मार्च तक वाराणसी से म्यांमार तक सीधी यात्रा कर सकेंगे देशवासी

70
0
SHARE
संवाददाता.
नई दिल्ली. 26 अक्तूबर. मार्च 2019 तक गंगा बिल्कुल साफ हो जाएगी. हमारा लक्ष्य है, कि हमारी गंगा मैया निर्मल और अविरल बहती रहे और ऐसा तय सीमा में होकर रहेगा. वाराणसी-म्यांमार का जलमार्ग तैयार हो चुका है, जिससे लोग वाराणसी से म्यांमार तक सीधी यात्रा कर सकेंगे. उक्त बातें केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने रोहिणी के जापानी पार्क में चल रहे अंतरराष्ट्रीय आर्य सम्मेलन के दौरान कही. उन्होंने कहा कि ऊंच-नीच का भाव समाज से उखाड़कर फेंकना होगा, इस मानसिकता से हमें काम करना होगा. मानवता, समता, सामाजिक-आर्थिक समानता के आधार पर समाज में बराबरी कायम करने का महर्षि दयानंद जी के सपने को पूरा करना, यही वैचारिक मिशन है. हम सबके प्रयासों से आनेवाले समय में हिन्दुस्तान तो बदलेगा ही, साथ ही मेरा विश्वास है कि इसी भाव और विचारधारा से हम विश्वगुरू बनकर पूरे विश्व को प्रेरणा देने का काम करेंगे. यह मेरा दृढ़ विश्वास है. यह भी पढ़ें : सीबीआई डायरेक्टर की छुट्टी, विपक्ष ने राफेल से जोड़ बोला हमला वहीं असम के राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी ने कहा कि आर्य समाज एक संस्था नहीं बल्कि आंदोलन का नाम है. उन्होंने कहा कि समाज में फैली कुरीतियों को केवल शिक्षा के माध्यम से ही खत्म किया जाता है. आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती जी को यह बात भली-भांति मालूम थी. इसलिए उन्होंने देश में सैकड़ों डीएवी शिक्षण संस्थाओं को खोल कर समाज को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया.
योगगुरू बाबा रामदेव ने महर्षि दयानंद के आदर्शों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महर्षि दयानंद के विचार ऐसे हैं जो मनुष्य की आत्मा को जगा देते हैं. रामदेव ने कहा कि मैं केवल सामान ही नहीं बना रहा हूँ, मैं दयानंद सरस्वती जैसे विचारधारा वाले इंसान भी बना रहा हूँ. योगगुरू ने कहा कि वेद ईश्वरीय भाषा है और उसकी प्रतिष्ठा स्वयं भगवान के संकल्प को पूरा करने जैसा है.
गौरतलब है, कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का यह दूसरा दिन था , जिसमें सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद, एमडीएच के महाशय धर्मपाल, विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता, बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी समेत कई जानी-मानी हस्तियों ने हिस्सा लिया. इस चार दिवसीय सम्मेलन 28 देशों के तीन हजार से ज्यादा प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here