Home Uncategorized कितना मजबूत ‘रेरा’ का घेरा, कहां, कैसे और किससे करें शिकायत..!

कितना मजबूत ‘रेरा’ का घेरा, कहां, कैसे और किससे करें शिकायत..!

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अपने पिछले लेख के विस्तार में ‘रेरा’ से संबंधित जानकारी दे रहा हूँ, जिसमें कि मैंने संक्षिप्त में आप सबको बताया था. इस अंक विशेष में आपको विस्तृत जानकारी उपलब्ध करा रहा हूँ.
 
Girish Sharma, property conslutant
‘रेरा’ इस कानून को संसद में पास किया गया, लेकिन इस कानून के तहत नियम बनाने का अधिकार राज्य के पास है. केंद्र सरकार ने इस कानून के अंतर्गत कुछ मॉडल नियम बनाएं हैं, ताकि राज्य सरकारें उनका अनुसरण करें या अपने राज्यों की परिस्थिति के अनुसार नए नियम बना सकें. यह भी पढ़ें : प्राईवेट ही नहीं, सरकारी प्रोजेक्ट भी आएंगे ‘रेरा’ के अंडर, जान लीजिए ‘रेरा’ से जुड़ी ये खास बातें  ‘रेरा’ का घेरा इतना विस्तृत है, कि कदम-कदम पर बिल्डरों, प्रमोटरों और डिवेलपर्स को सतर्क रहना पड़ेगा. अपने प्रोजेक्ट से संबंधित सभी दस्तावेज, विभिन्न स्थानीय निकायों से आॅब्जेक्शन सर्टिफिकेट, सभी कागजों को रेग्यूलेटर के पास जमा कराना होगा. इसके साथ ही उसे हलफनामे में यह बताना होगा कि वह जो भी दस्तावेज जमा करवा रहा है, सभी सही हैं. अगर उनमें किसी भी प्रकार का फ्रॉड पाया गया तो बिल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी प्रावधान है.
अगर आप ‘रेरा’ में बिल्डर के खिलाफ शिकायत कराना चाहते हैं, तो ‘रेरा’ में शिकायत करने का सभी जगह तरीका एक ही जैसा है. इसमें ‘रेरा’ के चेयरमैन को लिखित में भी शिकायत कर सकते हैं. और साथ ही सभी राज्यों की रेग्यूलेटरी अथॉरिटी की वेबसाइट पर जाकर कोई भी खरीददार या बिल्डर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है. यहां चाहे तो खरीददार उन बिल्डर के खिलाफ भी शिकायत दर्ज करा सकता है, जोकि ‘रेरा’ से अभी रजिस्टर नहीं हुए हैं. क्योंकि अभी काफी बिल्डर ऐसे हैं, जिन्होंने अपने आपको ‘रेरा’ में रजिस्टर्ड नहीं कराया है. अलग-अलग ‘रेरा’ स्टेट अथॉरिटी इनकी जांच में लगी हुई हैं. और संबंधित बिल्डर्स को नोटिस भी जारी किए हैं. जिन बिल्डर्स को नोटिस भेजा गया है, उनका जवाब ना आने पर रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए पेनाल्टी भी लगाई जाएगी.
कुछ संशय इस बात पर बनता है, कि ‘रेरा’ में रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद क्या बिल्डर पूरी तरीके से भरोसेमंद हो जाता है? तो हम यह मान सकते हैं कि अगर बिल्डर अपनी घोषणा से पीछे हटता है, या हेराफेरी करता है, तो यही उसके खिलाफ सबूत माना जाएगा. अगर हमें बिल्डर पर कुछ संदेह होता है तो वह रेग्यूलेटर के सामने शिकायत कर सकता है. शिकायत सही पाए जाने पर बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. यह तो समय ही बताएगा कि ‘रेरा’ भविष्य में धरातल पर कितना कारगर होगा?
और अधिक जानकारी के लिए आप गिरीश शर्मा के फेसबुक पेज Shanti Properties (Regd.)  पर जाकर उनके पिछले लेख पढ़ सकते हैं. या समय लेकर मिल भी सकते हैं.

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