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एमसीडी और पुलिस की मिलीभगत से तुलसी नगर क्षेत्र में अवैध झुग्गियों का गोरखधंधा धड़ल्ले से जारी

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सांकेतिक चित्र
संवाददाता.
नई दिल्ली. 20 फरवरी. उत्तरी दिल्ली नगर निगम के वार्ड 82 में अवैध झुग्गियों का गोरखधंधा जोरों पर चल रहा है. तुलसी नगर में दिल्ली मेट्रो लाइन के नीचे स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सरपरस्ती में धड़ल्ले से अवैध झुग्गियों का निर्माण चल रहा है. स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां पर झुग्गी में चाय की दुकान चलाने वाला राजू नामक व्यक्ति और उसके कुछ साथी इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे हैं. ये लोग खुद को क्षेत्रीय निगम पार्षद प्रेरणा सिंह का खास आदमी बताते हैं. यह गिरोह यहां पर झुग्गी डालने वाले लोगों से 15 से 20 हजार रूपये की मांग करता है. यह रकम मिल जाने के बाद झुग्गी बनाने वाला व्यक्ति जगह का चयन करके झुग्गी बना लेता है. हैरतअंगेज यह है, कि इस गिरोह को रकम देने के बाद कोई भी सिविक एजेंसी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती है. एमसीडी प्रतिनिधि और पुलिस की मिलीभगत से अवैध झुग्गियों का यह धंधा बेरोक-टोक चल रहा है. यह भी पढ़ें : व्यापारिक संगठन की मांग, व्यापारियों के साथ सीधा संवाद करें पीएम झुग्गी बनाने के बदले मिली इस मोटी रकम में एमसीडी कर्मचारी, क्षेत्रीय पुलिस और दलाल सबकी हिस्सेदारी होती है. इस गिरोह का यहां पर इतना खौफ है, कि झुग्गीवासी ही नहीं, बल्कि संबंधित विभाग के कर्मचारी और पुलिस भी इनके सामने नतमस्तक हैं. एक ओर जहां राजधानी के सौंदर्यीकरण और चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकारें तरह-तरह के दावे करती हैं, वहीं दूसरी ओर सिविक एजेंसियां खुद इस तरह के अवैध निर्माणों को बढ़ावा दे रही हैं. ऐसे में जहां एक तरफ सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए सीलिंग चल रही है और अवैध निर्माणों पर रोक लगाने की कोशिशें चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर खुल्लमखुला ऐसी अवैध झुग्गियों के निर्माण खिलाफ कार्रवाई क्यूं नहीं हो रही है, यह बड़ा सवाल है? अवैध झुग्गियों का अड़्डा बन चुका यह क्षेत्र स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी खासी मुसीबत साबित हो रहा है. स्थानीय निवासी यहां होने वाले अपराधों को लेकर भी समय-समय पर शिकायत करते रहते हैं, लेकिन इन अवैध झुग्गियों से मिलने वाली मोटी कमाई के चलते निगम पार्षद और स्थानीय पुलिस इन पर कोई कार्रवाई नहीं होने दे रहे हैं.

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