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12वें पूर्वोत्तर व्‍यवसाय सम्‍मेलन का उद्घाटन, पूर्वोत्तर में कारोबारी संभावनाएं तलाशे व्यापारिक वर्ग

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The Minister of State for Development of North Eastern Region (I/C), Prime Minister’s Office, Personnel, Public Grievances & Pensions, Atomic Energy and Space, Dr. Jitendra Singh addressing at the inauguration of 12th North-East Business Summit, in New Delhi on November 16, 2017.
संवाददाता.
नई दिल्ली. 16 नवंबर. दो दिवसीय 12वें पूर्वोत्तर व्‍यवसाय सम्‍मेलन का आज नई दिल्ली में उद्घाटन हुआ. सम्‍मेलन का उद्देश्‍य भारत के पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में कारोबार के अवसर का पता लगाना है. इस सम्‍मेलन का आयोजन इंडियन चैम्‍बर आॅफ कॉमर्स द्वारा किया जा रहा है और मणिपुर स्‍टेट पार्टनर है.
सम्‍मेलन के उद्घाटन अवसर पर पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्‍यों में असीम संभावनाएं छुपी हुई हैं और अभी भी इसकी पूरी खोज नहीं की गई है. उन्‍होंने कहा कि अगर देश का एक क्षेत्र कम विकसित रहता है, तो देश विकसित नहीं हो सकता. उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी सीमावर्ती राज्‍यों को उच्‍च प्राथमिकता देते हैं. डॉ. सिंह ने कहा कि गुजरात और महाराष्‍ट्र जैसे विकसित राज्‍यों की संभावनाओं का पूरा दोहन किया गया है और अब पूर्वोत्‍तर राज्‍यों की संभावनाओं को खोजने से नये भारत के निर्माण में योगदान होगा. उन्‍होंने कहा कि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में 40 प्रतिशत फल उत्‍पादन, प्रसंस्‍करण के अभाव में नष्‍ट हो जाता है, इसलिए यह क्षेत्र उद्यमियों के लिए संभावना का क्षेत्र हो सकता है. डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि केन्‍द्र सरकार ने पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में व्‍यवसाय करने की सुगमता सुनिश्चित करने के लिए अनेक कदम उठाये हैं. सम्‍पर्क की समस्‍या हल करने पर बल दिया जा रहा है. अब तक रेल नक्‍शे से वंचित राज्‍यों तक रेल सेवायें दी जा रही हैं. यह भी पढ़ें : मिशन इनोवेशन स्मार्ट ग्रिड्स कार्यशाला का आयोजन  डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में उद्यम स्‍थापित करने का निर्णय लेने वाले किसी युवा का प्रारम्भिक उद्यम पूंजी कोष प्रदान करने का अतिरिक्‍त लाभ दे रहा है. उन्होंने कारोबारी समुदाय से पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में उपयोग नहीं की गई संभावना तलाशने का आग्रह किया.
इस अवसर पर मिजोरम के राज्‍यपाल लेफ्टिनेंट जनरल निर्भय शर्मा ने कहा कि आगे बढ़ने के लिए पूर्वोत्‍तर क्षेत्र से जुड़ी दृष्टि और स्‍पष्‍टता बहुत महत्‍वपूर्ण है. उन्‍होंने कहा कि भविष्‍य में क्षेत्र के विकास के लिए एक स्‍पष्‍ट विजन और कार्य योजना होनी चाहिए और समय सीमा तय की जानी चाहिए.
कार्यक्रम में मौजूद भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. आर.चिदम्‍बरम ने कहा कि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के लिए वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी के उद्देश्‍य से सम्‍पर्क में है. उन्‍होंने कहा कि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के कृषि और गैर कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक कदम उठाना आवश्‍यक है.

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