Home Interviews बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए काम कर रहा है लोक कल्याण...

बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए काम कर रहा है लोक कल्याण बुद्धा फाऊंडेशन- कैलाश

323
0
SHARE
Lok Kalyan Budhdha Foundation: File Photo
कहने के लिए तो देश में स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा का अधिकार हर किसी को है. लेकिन जमीनी हालात से लगभग सभी लोग वाकिफ हैं और जानते हैं, कि इन सभी सुविधाओं तक पहुंच समाज के एक छोटे तबके की ही है. देश में गरीब और पिछड़े समाज का एक बड़ा वर्ग है, जो आज भी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सरीखी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है. ऐसे वंचित वर्ग के लिए लोक कल्याण बुद्धा फाउंडेशन संस्था किसी वरदान की तरह है, जो गरीब बच्चों को शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए संघर्ष कर रही है. संस्था के कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर लोक कल्याण बुद्धा फाऊंडेशन के अध्यक्ष कैलाश से बातचीत पर आधारित पत्रकार प्रवीण श्रीवास्तव की यह खास रिपोर्ट-

Kailash Chandra, President, Lok Kalyan Budhdha Foundation : File Photo
प्रश्न- लोक कल्याण बुद्धा फाउंडेशन की शुरूआत कब हुई? और अब तक संस्था कितने लोगों तक मदद पहुंचा चुकी है?
उत्तर- हमारी संस्था स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों पर काम कर रही है. सितंबर 2017 में इसका गठन किया गया था, हालांकि हम लोग समाजसेवा के काम से पहले ही जुड़े हुए थे. इस दौरान संस्था ने अलग-अलग मुद्दों पर तकरीबन डेढ़ से दो लाख लोगों तक मदद पहुंचाई है. जिनमें 9वीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की कैरियर काउंसलिंग, प्रतिभाशाली छात्रों को स्कॉलरशिप दिलवाना, जो बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं  यह भी पढ़ें : यौन उत्पीड़न एवं संक्रमण के प्रति जागरूकता के लिए स्वास्थ्य जाँच शिविर, सैकड़ों महिलाओं ने उठाया लाभ उन्हें जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए शिक्षा की अहमियत बताना और स्वास्थ्य तथा सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं. हमने फ्री हेल्थ चेकअप कैंप के जरिए लोगों को स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे पर जागरूक किया है. साथ ही सामाजिक सुरक्षा के तौर पर घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, पारिवारिक समस्याओं से जुड़े लोगों की सहायता भी संस्था कर रही है.
प्रश्न- राजधानी के किस हिस्से में संस्था काम कर रही है?
उत्तर- बुद्धा फाउंडेशन इस समय राजधानी दिल्ली के बुराड़ी और मॉडल टाउन के स्लम एरियाज में काम कर रहा है. स्लम इलाकों में ऐसे अनेक होनहार बच्चे हैं, जो गरीबी के चलते अपने सपनों को हकीकत में नहीं तब्दील कर पाते, हम उनके लिए काम कर रहे हैं. हम इन एरियाज में जनरल नॉलेज कंपीटिशन भी आयोजित करते रहते हैं, ताकि बच्चे शिक्षित हो सकें. भविष्य में हम राजधानी में विस्तार के साथ-साथ देश भर में शिक्षा की इस अलख को जगाने का काम करने जा रहे हैं.
प्रश्न- स्वास्थ्य को लेकर किस तरह की मुहिम संस्था चला रही है?
उत्तर- वैसे तो आज देश में कई गंभीर बीमारियां हैं. लेकिन कुपोषण वह है, जो नन्हे बच्चों के सुनहरे भविष्य को रोक देती है. आज देश में करोड़ों की तादाद में कुपोषण के रोगी मिल जाएंगे. हमने कुपोषण से लड़ने का इरादा किया है और आगामी जून महीने से हम इसकी शुरूआत करने जा रहे हैं.
प्रश्न- सामाजिक सुरक्षा में घरेलू हिंसा का मुद्दा काफी गंभीर होता है? आप उसको किस तरीके से सुलझाते हैं?
उत्तर- घरेलू हिंसा में पीड़ित ज्यादातर हमें खुद सूचित करता है. हम दोनों पक्षों की बातें सुनकर प्रयास करते हैं, कि कोई उपर्युक्त समाधान निकले. इसके लिए हम काउंसलर्स की भी मदद लेते हैं, जो समझाते हैं, कि परिवार से बढ़कर कुछ नहीं होता.
प्रश्न- भविष्य की क्या योजनाएं हैं?
उत्तर- हमारा मानना है, कि शिक्षा और स्वास्थ्य ही देश के सबसे जटिल मुद्दे हैं. यदि इन दोनों मुद्दों का बेहतर हल निकल पाये तो बाकी तमाम चुनौतियों से पार पाया जा सकता है. जब तक देश में इन दो मुद्दों का सार्थक हल नहीं निकलेगा, तब तक अन्य समस्याएं बदस्तूर जारी रहेंगी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here