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जीवन की शांति ना भंग कर दे जरूरत से ज्यादा होम लोन की रकम…

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सांकेतिक चित्र
प्रश्न- गिरीश जी, मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता हूँ. मैं एक घर खरीदना चाहता हूँ. मैंने बहुत से बिल्डर्स के प्रोजेक्ट्स देखे. वर्तमान में जो बिल्डर प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं, वह सभी अत्याधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस हैं. सभी प्रकार की लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का वहां भरपूर इस्तेमाल हो रहा है. मेरी चाहत के अनुसार वह सभी चीजें एक ही सोसायटी में मिल भी रही हैं. फिर भी मैं किन बातों का ध्यान रखूँ, जिससे कि मुझे भविष्य में किसी परेशानी का सामना ना करना पड़े. -नवजोत सिंह
Girish Sharma, Property Conslutant
उत्तर- रियल एस्टेट सेक्टर आपको रियलिटी से रूबरू होने का मौका भी देता है. रियलिटी में रियल का बहुत महत्व है. असल में आपको चाहिए कि आप अपनी फाइनेंशियल रियलिटी को ध्यान में रखते हुए ही अपना आशियाना बनाने की सोचें. आज का अधिकतर होम बायर्स आप ही की तरह युवा है. वह नई-नई चीजें चाहता है. उनकी पसंद का दायरा बड़ा है. इन्कम लेवल बढ़ने के साथ बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की ओर से आसानी से कर्ज मिल जाने से कंज्यूमर की चाहतों को नया आसमान मिल गया है. मनपसंद घर के बारे में सबकी अपनी अपनी राय हो सकती है, क्योंकि पैसा एक अहम पहलू है तो चाहतों पर उसी के मुताबिक लगाम लगानी पड़ती है. फिर भी अधिकतर होम बायर्स जब सपने को हकीकत की शक्ल देने चलते हैं तो उनके पांव चादर से बाहर निकल जाते हैं. क्योंकि आजकल परफेक्शन का जमाना है, तो लोग परफेक्ट घर खरीदने की चाह में अपनी माली हालत को ऐसी चोट लगा लेते हैं, जिसका इलाज नामुमकिन होता है. मनपसंद घर खरीदने में काफी पैसे लग सकते हैं. यह सर्वे में पाया गया है, कि एक इंडियन होम बायर्स अपनी टोटल सेविंग्स का 50 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा डाउन पेमेंट में लगा देता है. उसके बाद अपनी ख्वाहिशों के अनुरूप वह एक ऐसा घर चाहता है, जहां लग्जरी वाली सभी सुविधाएं उपलब्ध हों जैसे जिम, क्लब हाउस, स्विमिंग पूल इत्यादि इत्यादि.  यह भी पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश तक जारी रहेगी सीलिंग… इन सबका होना मतलब आपके आने वाले मासिक व्यय में भी इजाफा होना जो कि आपकी किस्त+ मेंटेनेंस चार्जेस मिलाकर होगा. तो क्या आप इतना खर्च करने के लिए तैयार या सक्षम हैं? क्योंकि आपकी इन्कम और सेविंग प्रोफाइल तो रातों-रात नहीं बदलने वाली. अधिकांश मध्यमवर्गीय परिवारों को घर खरीदने के लिए किसी न किसी प्रकार का समझौता करना पड़ता है. कई बार अपने बजट से बाहर अजीब सी मुश्किल में भी फंस जाते हैं. अपनी बढ़ती इच्छाओं को पूरा करने के लिए होम बायर्स जो सबसे बड़ी कीमत चुकाते हैं, वह है उनके वित्तीय लक्ष्यों का नुकसान. एक बड़ा घर खरीदने से आपके परिवार की आमदनी और बचत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा निकल जाता है. और आपको परिवार के जीवन से जुड़े अन्य पहलुओं पर समझौता करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है. इसलिए मेरा आपसे यही अनुरोध है, कि सपनों का घर खरीदने के चक्कर में आप अपनी हैसियत का भी ध्यान रखें. जितनी चादर हो उतने ही पैर पसारें. होम लोन कहीं आपके जीवन की शांति को भंग ना कर दे.
अधिक जानकारी के लिए आप गिरीश शर्मा के फेसबुक पेज Shanti Properties (Regd.) पर जाकर उनके लिखे लेख देख सकते हैं और समय लेकर मिल भी सकते हैं.

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