Home Business कंस्ट्रक्शन नहीं, अब रेडी टू मूव का दौर..?

कंस्ट्रक्शन नहीं, अब रेडी टू मूव का दौर..?

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सांकेतिक चित्र
प्रश्न- आए दिन नित नए घपले, बिल्डर्स द्वारा की गई धोखाधड़ी, सबने आम पब्लिक का चैन लूट लिया है. समझ नहीं आता क्या किया जाए? ‘रेरा’ ने तो अपना घेरा बिछा ही दिया है और उसका असर दिखना भी शुरू हो गया है. लेकिन सर आप बताइए कि अभी भी हम घर खरीदने के अपने निर्णय को कैसे अंजाम दें? क्या हम किसी ‘रेरा’ रजिस्टर्ड बिल्डर के पास फ्लैट बुक कराएं या फिर रेडी टू मूव की आॅप्शन को अधिक प्राथमिकता दें? आजकल की रियल एस्टेट की परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लेना बहुत ही कठिन हुआ पड़ा है. – मुकुल त्यागी
Girish Sharma
उत्तर- मुकुल जी, आजकल की रियल एस्टेट सेक्टर की परिस्थितियों को देखते हुए आपका इस प्रकार का प्रश्न पूछना जायज है, क्योंकि नामी-गिरामी बिल्डर्स इस समय धोखाधड़ी के मामलों में टॉप पर हैं, तो एक आम नागरिक ग्राहक कैसे विश्वास कर पाएगा कि अपने खून-पसीने की कमाई कहां और किसके पास लगाएं? जीवन का एक ही सपना सुंदर सा घर हो अपना. इस समय यह मोटो तो इस विश्वासघाती माहौल में मुंह चिढ़ाता नजर आ रहा है. हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के पूरे होने में देरी और बिल्डर्स के डिफॉल्ट बढ़ने के कारण होम बायर्स अब अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी के बजाय रेडी टू मूव अपार्टमेंट्स खरीदना अधिक पसंद कर रहे हैं. ग्राहकों के इस निर्णय को देखते हुए कंपनियां भी अपने तैयार प्रोजेक्ट्स को बेचने और लगभग पूरे हो चुके प्रोजेक्ट्स को अंतिम रूप देने पर ध्यान दे रही हैं. यह भी पढ़ें : गुरू हरिकिशन नगर में आर्यन प्रॉपर्टीज की नई शाखा का उद्घाटन  अधिकतर कंपनियां नए प्रोजेक्ट लॉन्च पर किसी भी तरह का ध्यान नहीं दे रही हैं. रेडी टू मूव प्रॉपर्टीज के लिए पिछली दो तिमाही काफी अच्छी रही हैं, क्योंकि इन पर कोई जीएसटी नहीं है. मार्किट में अनिश्चितता को देखते हुए बायर्स ऐसे अपार्टमेंट को अधिक पसंद कर रहे हैं. बिना आॅक्यूपेशनल सर्टिफिकेट वाले अंडर कंस्ट्रक्शन रियल्टी प्रोजेक्ट को हाल ही में लागू हुए रियल एस्टेट एक्ट 2016 के तहत रजिस्टर्ड करवाना जरूरी है. इन प्रोजेक्ट पर 12% जीएसटी भी लगता है.
मेरी मानें तो प्रॉपर्टी सेक्टर की भाषा में ‘ताला चाबी’ वाली आॅप्शन सबसे सही रहती है. क्योंकि इसमें आप पेमेंट दो और मकान का पोजेशन ले लो. इसमें कम से कम आप दिमागी परेशानियों से तो बचते हैं और अपने ड्रीम होम में रहने का सपना भी साकार कर पाते हैं.
और अधिक जानकारी के लिए आप गिरीश शर्मा के फेसबुक पेज शांति प्रॉपर्टीज  पर जाकर उनके लिखे पुराने लेख देख सकते हैं. और समय लेकर उनसे मिल भी सकते हैं.

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