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 बड़े बिल्डर्स पर भी दिखने लगा ‘रेरा’ का असर…

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सांकेतिक चित्र
प्रश्न- गिरीश जी, आपने अपने पिछले लेख में लिखा था कि ‘रेरा’ भविष्य में धरातल पर कितना कारगर साबित होगा, यह तो समय ही बताएगा. आपके अनुसार जबसे यह कानून आया है, क्या रियल स्टेट क्षेत्र में कुछ बदलाव देखने को मिल रहे हैं? अगर हाँ, तो हमसे भी उन बदलावों के बारे में अपने विचार साझा करें, ताकि हम भी जान पाएं कि रियल एस्टेट का कस्टमर भविष्य में कितना सुरक्षित है? -अशोक दीक्षित, पीतमपुरा, दिल्ली
उत्तर- अशोक जी, ‘रेरा’ (रियल एस्टेट रेग्यूलेटरी अथॉरिटी) आने के बाद उन बड़े बिल्डरों पर गाज गिरनी शुरू हो चुकी है, जो यह समझने लगे थे कि सत्ता में पैठ रखने वाले रसूखदार नेताओं से उनका संबंध होने के कारण आम जनता उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी.
Girish Sharma, property conslutant
और वह अपने हिसाब से उन ग्राहकों को डील करेंगे, जिन्होंने अपने खून-पसीने की कमाई अपने उज्जवल भविष्य की सोच पर उनके प्रोजेक्ट में लगाई है. वैसे तो मैं अपने पिछले लेखों में इसके बारे में बहुत कुछ लिख चुका हूँ, लेकिन इसका बिल्कुल ताजा उदाहरण है, कि अभी हाल ही में जेपी ग्रुप के पाँच बिल्डर प्रोजेक्ट की जमीनों को बेचकर उनसे प्राप्त रुपयों को, उन सभी ग्राहकों को दिया जाएगा, जिनको तीन वर्षों में मकानों का कब्जा मिलना था. लेकिन पाँच वर्ष बीत जाने पर भी उन जगहों पर अब तक नींव भी नहीं रखी गई. यह भी पढ़ें : कितना मजबूत ‘रेरा’ का घेरा, कहां, कैसे और किससे करें शिकायत..!  यमुना अथॉरिटी के इस प्रस्ताव को ‘रेरा’ के तहत यूपी सरकार ने हरी झंडी दे दी है. इस तरह उन खरीददारों को जिन को अभी तक मकान का पोजेशन नहीं मिला, उन खरीददारों को लगभग 300 करोड़ रुपए लौटाया जा सकेगा. यमुना सिटी में जेपी ग्रुप की स्पोटर्् सिटी के नजदीक ही नेचर व्यू, उड़ान, बुद्धा सर्किट 1 और बुद्धा सर्किट 2, यमुना विहार प्रोजेक्ट में लगभग 300 ग्राहकों ने घर बुक कराए थे, जिन्हें 3 साल में पोजेशन मिलना था, लेकिन अब तक 5 वर्षों से भी अधिक समय तक कोई प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ. कुछ माह पहले सरकार ने बिल्डर और बायर्स की एक मीटिंग फिक्स करवाई थी, जिसमें 31 अक्टूबर 2017 तक उन सभी बायर्स को रुपए लौटाने की बात बिल्डर्स ने कही थी, वादा किया था. लेकिन कुछ ना होने पर बोर्ड ने बिल्डर्स की जमीन जब्त करने का प्रस्ताव शासन को भेजा. यह ‘रेरा’ का ही प्रभाव है.
अधिक जानकारी के लिए आप गिरीश शर्मा के फेसबुक पेज Shanti Properties (Regd.) पर जाकर उनके लिखे पिछले लेख देख सकते हैं, और समय लेकर उनसे मिल भी सकते हैं.

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