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लोकसभा चुनाव में किसानों को साधने के लिए राहुल गांधी ने लगाया इस युवा नेता पर दांव, अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष बने सुरेंद्र सोलंकी

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Congress leader surender solanki with Rahul Gandhi
संवाददाता.
नई दिल्ली. 26 दिसंबर. तीन राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में भाजपा को पटखनी देने वाली कांग्रेस अब लोकसभा चुनाव की तैयारियों में पूरी तरह जुट गई है. लोकसभा चुनाव को देखते हुए सांगठनिक फेर-बदल भी किए जा रहे हैं, साथ ही ऐसे नेताओं को फ्रंट लाईन पर तैनात किया जा रहा है, जो पब्लिक से सीधे कनेक्ट कर सकें. तीन राज्यों की जीत में किसानों का समर्थन कांग्रेस को मिलना, सबसे अहम फैक्टर के तौर पर उभरा है. कांग्रेस का कर्जमाफी का वादा विधानसभा के इस चुनाव में ऐसा अचूक अस्त्र बन गया, जिसने भाजपा के गढ़ को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. यही कारण है, कि कांग्रेस अब लोकसभा चुनाव में भी इस अस्त्र को आजमाने की पूरी तैयारी में जुटी है.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अब ऐसे नेताओं को आगे बढ़ाने का फैसला किया है, जो हिंदी पट्टी में किसानों और किसान राजनीति पर पकड़ रखते हो.
surender solanki, Congress leader. File Photo
इसी कड़ी में पश्चिमी दिल्ली के युवा किसान नेता सुरेंद्र सोलंकी को अखिल भारतीय किसान कांग्रेस का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है. किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष नाना पटोले ने सोलंकी को इस अहम पद की जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि युवा सोलंकी किसानों की आवाज बनेंगे और किसानों के मुद्दों को राष्ट्रीय राजनीति में पुरजोर तरीके से उठाने का काम करेंगे. यह भी पढ़ें : ‘आप’ के झूठे वादों की जानकारी जन-जन तक पहुंचानी होगी- मुदित अग्रवाल इस अवसर पर सुरेंद्र सोलंकी ने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, वह उसे पूरे दमखम के साथ निभायेंगे. इस अवसर पर सोलंकी ने कहा कि किसानों ने एनडीए की बीते साढ़े चार साल की सरकार में देख लिया है, कि उनका भला सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही कर सकती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने वादे के मुताबिक तीन राज्यों में किसानों का कर्ज माफ कर अपने किसान हितैषी होने का सबूत दिया है. सोलंकी ने कहा कि तीन राज्यों से उठी बदलाव के बयार की यह हवा अब दिल्ली पहुचंने वाली है और आगामी लोकसभा चुनाव में किसान ही एनडीए की इस सरकार के ताबूत में कील ठोकने का काम करेंगे. गौरतलब है, कि युवा सोलंकी दिल्ली में निगम पार्षद रह चुके हैं. इसके अलावा वह संगठन के विभिन्न पदों पर रहते हुए पार्टी को मजबूत बनाने के लिए काम करते रहे हैं. यही नहीं उनके पिता चौ. रामकरण सोलंकी और दादा चौ. रिजकराम सोलंकी भी बड़े किसान नेता रहे, जिनका हिंदी पट्टी के किसानों पर खासा प्रभाव रहा. अब उसी पारंपरिक प्रभाव को भुनाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने युवा नेता सुरेन्द्र सोलंकी को आगे किया है. आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान यह देखना दिलचस्प होगा कि सोलंकी किसान राजनीति की अपनी परंपरा को कितना आगे लेकर जाते हैं.

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