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जीएसटी कर ढांचे के सरलीकरण के कदम का व्यापारियों ने स्वागत किया, कल होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में बड़ी राहत की उम्मीद

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सांकेतिक चित्र
संवाददाता.
नई दिल्ली. 21 दिसंबर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जीएसटी के कर ढांचे को और सरलीकृत बनाने तथा 28 प्रतिशत की कर दर को केवल कुछ वस्तुओं तक ही सीमित किये जाने के बयान का कन्फेडरेशन आॅफ आल इंडिया ट्रेडर्स ने स्वागत किया है. कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने इस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का यह सकारात्मक बयान ऐसे समय में आया है, जब देश भर के व्यापारी जीएसटी के ढांचे को और तर्क संगत बनाये जाने को लेकर जीएसटी काउन्सिल से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठे हैं.
praveen khandelwal
खंडेलवाल ने कहा कि देश में जीएसटी लागू हुए लगभग डेढ़ वर्ष बीत चुका है और यह सही समय है जब जीएसटी को एक स्थायी कर प्रणाली के रूप में स्थापित हो जाना चाहिए. उल्लेखनीय है, कि कैट लगातार जीएसटी के सरलीकरण किये जाने की मांग उठाता रहा है, वहीं 28 प्रतिशत के कर स्लैब को केवल कुछ विलासिता की वस्तुओं तक ही सीमित रखने की मांग करता रहा है. इसी प्रकार से 18 प्रतिशत के कर स्लैब से भी अनेक वस्तुओं को निकालकर 12 प्रतिशत या उससे कम दर के कर स्लैब की वाजिब मांग करता रहा है. खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री का वक्तव्य इस बात का प्रतीक है, कि सरकार ने इसकी जरूरत को समझा है और वर्तमान कर ढांचे की विषमताओं को कम करने का इरादा जाहिर किया है.  यह भी पढ़ें : ‘आप’ के झूठे वादों की जानकारी जन-जन तक पहुंचानी होगी- मुदित अग्रवाल उन्होंने कहा कि बहुत सी वस्तुएं ऐसी हैं जो उद्योग में कच्चे माल के रूप में काम आती हैं, लेकिन उन पर कर की दर 18 प्रतिशत है, जबकि उसी कच्चे माल से बने हुए उत्पाद की कर दर 12 प्रतिशत है, जिसके चलते व्यापारियों को 6 प्रतिशत का रिफंड मिलना तय होता है, किन्तु रिफंड की जटिल प्रक्रिया से अभी तक देश भर में रिफंड मिल नहीं पा रहा है. इसी प्रकार से वर्तमान जीएसटी में अनेक विसंगतियां हैं जिनको ठीक करना जरूरी है. खंडेलवाल ने कहा कि हमें उम्मीद है, कि जीएसटी काउन्सिल की 22 दिसम्बर को होने वाली मीटिंग में इन सभी मुद्दों पर विचार किया जायेगा और तर्कसंगत निर्णय लिए जाएंगे जो देश के व्यापारियों और राजस्व के हित में होंगे.

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