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राहुल गाँधी के मिनिमम इन्कम प्लान से व्यापारी नाराज, कहा कांग्रेस शासित प्रदेशों में लागू करें योजना

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praveen khandelwal
संवाददाता.
नई दिल्ली. 02 फरवरी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी द्वारा गरीब वर्ग के लिए एक आधारभूत आय सुनिश्चित करने की घोषणा से देश भर के व्यापारियों में नाराजगी है. व्यापारी वर्ग का कहना है, कि यह राजनैतिक घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब इसमें बड़ी मात्रा में पैसे की आवश्यकता होगी, जबकि देश का खजाना अनेक दिक्कतों से जूझ रहा है. व्यापारिक संगठन ने कहा कि इस घोषणा को पूरा करने का बोझ सीधा व्यापारियों पर पड़ेगा, इससे कांग्रेस के राजनैतिक पतन की संभावनाएं बढ़ेंगी. व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन आॅफ आॅल इंडिया ट्रेडर्स ने कहा है, कि इस प्रकार की अविश्वसनीय घोषणाओं और कर्ज माफी देश के राजनीतिज्ञों की एक आदत बन गयी है, जबकि व्यापारियों और अन्य करदाताओं को ऐसी योजनाओं का बोझ उठाना पड़ता है.
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि राहुल गाँधी द्वारा की गई घोषणा महज एक राजनैतिक स्टंट है. कैट ने सवाल उठाते हुए कहा कि अच्छा होता यदि राहुल ऐसी कोई घोषणा करने से पहले किसी भी कांग्रेस शासित राज्य में इस योजना को लागू करते. यह भी पढ़ें : किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस की राजघाट से हुंकार, पूर्ण कर्ज माफी और लागत का डेढ़ गुना दाम देने की मांग व्यापारी नेताओं ने कहा कि यदि घोषणा को अमल में लाया जाए तो हजारों करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी. देश पहले से ही पैसे की तंगी से जूझ रहा है और निर्यात की बजाय आयात अधिक होने से स्थिति और भी विषम है. वहीं दूसरी ओर देश के नागरिकों को मूलभूत सुविधाएँ देना एक बड़ी चुनौती है और निम्न वर्ग के लिए चलाई जा रही अन्य योजनाएं बंद नहीं की जा सकती हैं.
दोनों व्यापारी नेताओं ने कहा कि इस घोषणा के लिए धन जुटाने के लिए सरकार को करों में बेतहाशा वृद्धि करनी पड़ेगी, जिसके चलते पहले से ही देश में चल रहा धीमा व्यापार दम तोड़ देगा. उन्होंने कहा कि देश के व्यापारी ऐसी किसी भी घोषणा या कर्जमाफी के खिलाफ हैं, जिसका बोझ उन पर पड़ता है.
कैट ने राहुल गाँधी से आग्रह किया कि अगर वह अपने विचार से पूरी तरह संतुष्ट हैं, तो कांग्रेस शासित किसी भी एक प्रदेश में पायलट योजना के तौर पर इसको चलाएं. अभी चुनाव दूर हैं और तब तक इस योजना की हकीकत भी सामने आ जाएगी और पता लग जायेगा ये कितनी कारगर है.

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