Home Astro वास्तु शास्त्र का आधार वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर निर्भर- आचार्य भास्कर वर्मा

वास्तु शास्त्र का आधार वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर निर्भर- आचार्य भास्कर वर्मा

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सांकेतिक चित्र
आचार्य भास्कर वर्मा बीते एक दशक से भी ज्यादा समय से लोगों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ज्योतिषीय ज्ञान से रूबरू करा रहे हैं. इस दौरान आपने अपने ज्योतिषीय ज्ञान की गणना से सैंकड़ों सार्थक भविष्यवाणियां की हैं.

नई दिल्ली. 07 मार्च. भारत की प्राचीनतम ज्योतिषीय विधाओं में से एक वास्तु शास्त्र का अपना अलग ही महत्व है. इंसान अपने दुख, समस्याओंं के निदान और भविष्य को संवारने के लिए वास्तु शास्त्र के सहारे नए-नए प्रयोग करता रहा है, जो मनुष्य को दिशाओं के माध्यम से बताई जाती हैं. लेकिन वास्तुकला का वैज्ञानिक तौर पर कितना महत्व है, बीते 17 वर्षों से इसके बारे में वास्तु विशेषज्ञ आचार्य भास्कर वर्मा अपने शोध और प्रयोगों के द्वारा लोगों को जागरूक करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं.
आचार्य भास्कर
आचार्य भास्कर वैज्ञानिक तौर पर लोगों को वास्तु शास्त्र का परिणाम बताते हुए जानकारी देते हैं कि वास्तु कला संपूर्ण दैविक विज्ञान है. यह भी पढ़ें : सेना के अधिकारियों एवं जवानों के लिए अपार इंडिया में ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित जिसमें प्राचीनतम समय से ही ऋषि-मुनियों ने शोध के द्वारा दैविक उपाय प्राप्त किए और मौजूदा समय में भी यह वैज्ञानिक दृष्टिकोण के द्वारा लोगों के जीवन को सुखकर बनाने में प्रयोग किया जाता है. आचार्य भास्कर कहते हैं, कि हर व्यक्ति को वास्तुकला की सामान्य जानकारी होनी चाहिए, ताकि व्यक्ति सही-गलत का बोध कर सके. आचार्य भास्कर अपने इस वैज्ञानिक नजरिये को तकनीकी दुनिया में भी आजमा रहे हैं और लोगों की परेशानी का समाधान निकाल रहे हैं.  खबर से संबंधित वीडियो यहां देखें ‘एस्ट्रो डिवाइन साइंस’ नामक यू-ट्यूब चैनल पर वीडियो के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं. पाठक ‘एस्ट्रो डिवाइन साइंस’ नामक फेसबुक पेज पर भी आचार्य भास्कर के बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा आचार्य देश-विदेश में भी फोन के जरिए लोगों की समस्याओं का समाधान करते रहते हैं.

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