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वेटिकन की कठपुतली सरकारें लाने को षडयंत्र रच रहा है चर्च

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सांकेतिक चित्र
संवाददाता.
नई दिल्ली. 07 जून. चर्च द्वारा वर्तमान सरकारों पर बार-बार हमलों पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए विश्व हिंदू परिषद ने कहा है, कि भारत का चर्च, एक बड़े षड्यंत्र के तहत, केंद्र व राज्यों में ऐसी सरकारें बनाने में जुट गया है, जो वेटिकन की कठपुतली बनकर उसका स्वार्थ सिद्ध कर सकें. विहिप के संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेन्द्र जैन ने कहा कि दिल्ली के आर्कबिशप के बाद अब गोवा के आर्कबिशप को भी संविधान खतरे में दिखाई दे रहा है. इससे यह स्पष्ट हो गया है, कि वेटिकन के इशारे पर भारत का चर्च वर्तमान सरकारों के विरोध में एक वातावरण बनाने का षड्यंत्र कर रहा है.
डॉ. जैन ने कहा कि वेटिकन सम्पूर्ण विश्व में केवल हिंदू समाज को ही नहीं अपितु, भारत को बदनाम करता है और भारत का चर्च उनकी कठपुतली बनकर अपने ही देश को बदनाम करने का अक्षम्य अपराध करता है. उन्होंने कहा कि आपातकाल लगाने, कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार, 1984 में सिक्खों के कत्लेआम, चकमा बौद्धों पर चर्च के क्रूर जुल्मों से इनको कभी संविधान खतरे में नहीं दिखाई दिया. यह इनका दृष्टिदोष नहीं, वेटिकन के इशारे पर नाचने वाली सरकार को लाने का एक राजनीतिक षड़यंत्र है. डॉ. जैन ने कहा कि अवार्ड वापसी माफिया की तरह ये भी एक चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की सुपारी लेकर काम कर रहे हैं. यह भी पढ़ें : रानी खेड़ा वार्ड में निगम पार्षद जयेंद्र डबास ने ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ पर लोगों को किया जागरूक, प्लास्टिक बैग प्रयोग ना करने की शपथ दिलाई डॉ. जैन ने कहा कि भारत के संविधान को चर्च के राजनीतिक व धर्मांतरण के आक्रामक एजेंडे के कारण खतरा है. और यह खतरा पूरे देश को भलीभांति समझ में आ गया है. इसी एजेंडे के कारण गोवा के आर्कबिशप ने 1947 में भारत की आजादी का विरोध किया था. 1961 में इन्होंने ही गोवा मुक्ति का विरोध करते हुए कहा था कि ईसाइयों का कल्याण पुर्तगाल की गुलामी में ही है. अब उन्हें आत्मविश्लेषण कर अपने पापों के लिए माफी मांगनी चाहिए और वेटिकन से मुक्त होकर भारत के संविधान के अनुसार चलना चाहिए.

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