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आंदोलित जैन समाज की गिरनार मुद्दे पर केंद्र और गुजरात सरकार को चेतावनी, चुनाव में भुगतना पड़ेगा खामियाजा

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संवाददाता.
नई दिल्ली. 12 सितंबर. गिरनार बचाओ आंदोलन समिति के नेतृत्व में जैन समाज ने गिरनार मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर विशाल आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन किया. इस धरने-प्रदर्शन में गुजरात के जूनागढ़ स्थित जैन आस्था का केन्द्र भगवान नेमिनाथ की मोक्षस्थली गिरनार पर्वत व उसकी टोंकों पर कब्जा, संरक्षित स्मारक के बदलाव के साथ-साथ जैन समुदाय को धार्मिक अधिकारों एवं पूजा से वंचित किए जाने के खिलाफ जैन समाज ने कड़ा विरोध दर्ज कराया.
इस अवसर पर जैन समाज के गुरू योगभूषण जी महाराज ने कहा कि गिरनार जैन समाज का था, है और रहेगा। गिरनार मुद्दे का धार्मिक तौर पर निपटारा करना चाहिए. जैन राजनैतिक चेतना मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रविन्द्र काला ने इस मामले में केन्द्र और राज्य सरकारों को जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर सुलझाने की अपील करते हुए कहा कि देश में जैन समाज सबसे ज्यादा टैक्स देने वालों मे से है, लेकिन हमें अल्पसंख्यक समझकर दरकिनार किया जा रहा है. सरकार को यह ध्यान देना चाहिए ताकि हमारी भावनाओं को ठेस न पहुंचे. यह भी पढ़ें : 21वें ‘दिल्ली के राजा श्री गणेश महोत्सव 2018’ रमेश नगर के पंडाल की तैयारी जोरों पर, 13 से 23 सितम्बर तक रहेगी महोत्सव की धूम वहीं श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व आंदोलन के आयोजक निर्मल कुमार जैन सेठी ने सरकार से मांग की, कि गिरनार पर्वत से हिंदू महन्तों को यथाशीघ्र हटाया जाये. साथ ही जो भी नवनिर्माण टोंक व अन्य जगहों पर किये गये हैं, उन्हें कानून अनुसार तत्काल हटाने का कार्य हो. उन्होंने सरकार से मांग की, कि 19 जुलाई, 2018 को जिन पुलिसकर्मियों ने जैन यात्रियों को पूजा अर्चना करने से रोका और प्रताड़ित किया है, उनके विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही हो.
इस आंदोलन को दिल्ली के बंगला साहिब गुरूद्वारा सिख प्रबंधक के चेयरमैन परमसिंह चंडोक ने भी समर्थन देते हुए कहा कि इस धार्मिक मामले में सिख समाज उनके साथ है. आंदोलन में हरियाणा के राकेश जैन ने आह्वान करते हुए कहा कि सरकार गिरनार सुरक्षित करें। जैन समाज अहिंसा का समर्थक है लेकिन अगर उनकी धार्मिक आस्था पर चोट पहुंचती है, तो इसका खामियाजा सरकार को भुगतना होगा. उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक है और इसका खामियाजा आगामी चुनाव में सरकार को भुगतना पड़ सकता है. आंदोलन से जुड़े गायक रूपक जैन ने केंद्र और राज्य सरकार ने कहा कि इस मुद्दे पर पूरा जैन समाज एक है. विधानसभा और लोकसभा चुनाव नजदीक है, इसलिए जल्द ही इस पर सरकार निर्णय ले। इस अवसर पर आचार्य सौभाग्य सागरजी महाराज एवं सौरव सैन भट्टारक तिजारा तथा देवेंद्र भाई मुंबई आदि संतों के साथ-साथ देश भर के संगठनों ने भी गिरनार बचाओ आंदोलन में अपनी आवाज बुलंद की.

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